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West Bank Violence: वेस्ट बैंक में मचा हड़कंप! 700 लोगों का पानी बंद, घरों पर गोलीबारी और ताबड़तोड़ छापेमारी

West Bank Settler Attacks: वेस्ट बैंक में एक के बाद एक घटनाओं ने हालात की गंभीर तस्वीर सामने रखी है। कहीं घरों की ओर गोलियां चलीं, तो कहीं पानी की लाइन काटने से सैकड़ों लोग प्रभावित हुए आखिर जमीन पर क्या हो रहा है?
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भारत

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Manoj Vashisth

Sep 20, 2026

West Bank Violence

West Bank Violence: 700 लोगों पर पानी का संकट, घरों पर फायरिंग! वेस्ट बैंक से सामने आई चौंकाने वाली तस्वीर (फोटो सोर्स : AI@chatgpt)

Israel Palestine Conflict: अधिकृत वेस्ट बैंक में तनाव अब सिर्फ झड़पों और छापेमारी तक सीमित नहीं दिख रहा है। हालिया घटनाओं में घरों पर गोलीबारी, लोगों पर पेपर स्प्रे, एंबुलेंस को नुकसान और एक गांव की पानी की मुख्य पाइपलाइन काटे जाने जैसी घटनाएं सामने आई हैं। दक्षिणी हेब्रोन से लेकर रामल्लाह और तुलकरम तक अलग-अलग इलाकों में इजरायली सेना की कार्रवाई और बसने वालों के हमलों की खबरों ने स्थानीय आबादी की सुरक्षा और रोजमर्रा की जरूरतों को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

West Bank Violence: मासाफेर यत्ता में पानी की पाइपलाइन कटी और लोगों की गिरफ्तारी

दक्षिणी हेब्रोन के मासाफेर यत्ता इलाके का अद-दक़ीका गांव हालिया घटनाक्रम का केंद्र बन गया है। फिलिस्तीनी समाचार एजेंसी WAFA के मुताबिक, शनिवार को गांव को पानी पहुंचाने वाली मुख्य पाइपलाइन काट दी गई, जिसके कारण करीब 700 फिलिस्तीनियों की जल आपूर्ति बाधित हो गई। इसके कुछ घंटों बाद इजरायली बलों ने गांव से आठ लोगों को हिरासत में लिया। WAFA ने स्थानीय कार्यकर्ता ओसामा मखामरेह के हवाले से बताया कि हिरासत की कार्रवाई बसने वालों के उस हमले के बाद हुई, जिसमें स्थानीय लोगों पर हमला करने और मवेशी ले जाने की कोशिश का आरोप लगाया गया।

अल-मुघय्यिर में गोलीबारी और एंबुलेंस पर हमला

रामल्लाह के उत्तर-पूर्व में स्थित अल-मुघय्यिर में भी स्थिति तनावपूर्ण रही। WAFA की रिपोर्ट के अनुसार, बसने वालों ने गांव के एक हिस्से में फिलिस्तीनी घरों की दिशा में गोलीबारी की। इसी दौरान इजरायली बलों ने कुछ घरों की तलाशी ली और एक परिवार के सदस्यों से पूछताछ की। बाद में एक अन्य घटना में बसने वालों द्वारा पेपर स्प्रे किए जाने से कई फिलिस्तीनियों को सांस लेने में परेशानी हुई। घायलों की मदद के लिए जा रही स्थानीय एंबुलेंस को भी नुकसान पहुंचाया गया।

व्यापक इलाके में सैन्य चौकियां और छापेमारी

तनाव का असर केवल इन दो गांवों तक सीमित नहीं रहा। WAFA के अनुसार, तुलकरम और रामल्लाह के आसपास कई कस्बों और गांवों में सैन्य जांच चौकियां लगाई गईं, वाहनों की तलाशी ली गई और लोगों से पूछताछ हुई। बेथलेहम, यरुशलम और सलफित के इलाकों में भी छापेमारी की खबरें सामने आईं।

अंतरराष्ट्रीय चिंता और संयुक्त राष्ट्र के आंकड़े

इन घटनाओं को व्यापक संदर्भ में देखें तो वेस्ट बैंक में बसने वालों की हिंसा और जमीन से जुड़े विवाद लगातार अंतरराष्ट्रीय ध्यान खींच रहे हैं। Reuters ने सितंबर में रिपोर्ट किया कि नए आउटपोस्ट और चरागाह आधारित बस्तियों के विस्तार के साथ फिलिस्तीनी समुदायों पर दबाव बढ़ने की बात सामने आई है। Reuters द्वारा उद्धृत संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के अनुसार, अगस्त 2026 तक इस साल बसने वालों के हमलों में 23 फिलिस्तीनियों की मौत और 1,000 से अधिक लोगों के घायल होने की जानकारी दर्ज की गई थी।

इस बीच, वेस्ट बैंक में आवाजाही पर प्रतिबंध, सैन्य चौकियां और जमीन तक पहुंच को लेकर विवाद भी स्थानीय जीवन को प्रभावित कर रहे हैं। ऐसे में अद-दक़ीका में पानी की पाइपलाइन कटने की घटना यह दिखाती है कि मौजूदा तनाव का असर केवल सुरक्षा तक नहीं, बल्कि बुनियादी सुविधाओं तक भी पहुंच रहा है।

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