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पाक- चीन की दोस्ती की राह से हटे पीले फूल

 यूं तो हमेशा पीले रंग के फूलों को दोस्ती का प्रतीक माना गया है लेकिन पाकिस्तान सरकार ने चीन से अपनी दोस्ती को नए आयाम देने के लिए इन पीले फूलों की ही तिलांजली दे डाली। 

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kamlesh sharma

Apr 21, 2015

यूं तो हमेशा पीले रंग के फूलों को दोस्ती का प्रतीक माना गया है लेकिन पाकिस्तान सरकार ने चीन से अपनी दोस्ती को नए आयाम देने के लिए इन पीले फूलों की ही तिलांजली दे डाली।

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग अपनी पहली दो दिवसीय पाकिस्तान यात्रा पर जब यहां पहुंचे तो पाक सरकार ने प्रटोकॉल के तहत उनके आस-पास की हर जगह से पीले रंग के फूलों को उखड़वाकर हटवा दिया।

यहां यह भी ध्यान रखा गया कि किसी मीटिंग में भी जिनपिंग के स्वागत में पीले फूलों को शामिल ना किया जाए।

दरअसल, चीनी परंपरा के अनुसार पीले फूलों को वहां पर 'घृणा' का प्रतीक माना जाता है इसलिए दोनों देशों के अधिकारियों को यह शख्त हिदायत दी गई थी कि वह स्वागत की तैयारियों में इस बात का विशेष ध्यान रखें और पीले फूलों को चीनी राष्ट्रपति के सामने ना आने दें।

चीन से अपनी दोस्ती को लेकर हमेशा से गंभीर रहे पाकिस्तान ने शी जिनपिंग की यात्रा के दौरान एक और बात पर विशेष ध्यान दिया और वो है कमरे और मीटिंग हॉल का तापमान।

शी जिनपिंग के लिए 24 डिग्री से ज्यादा तापमान असुविधाजनक होता है। वह ऐसे में आराम महसूस नहीं करते इसलिए प्रटोकॉल में यह भी ध्यान दिया गया कि शी जिनपिंग जहां भी रहें वहां के तापमान को 24 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा बढऩे ना दिया जाए।

ऐसा लगता है कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की यात्रा के समय पाक हर उस बात का ख्याल रख रहा है जिससे दोनों देशों की दोस्ती परवान चढ़ सके। वैसे भी ऐसी खबरें थीं कि पाक सरकार की ओर से चीनी राष्ट्रपति का स्वागत भारत से बेहतर करने की कोशिश की जा रही है।