दरअसल, चीनी परंपरा के अनुसार पीले फूलों को वहां पर 'घृणा' का प्रतीक माना जाता है इसलिए दोनों देशों के अधिकारियों को यह शख्त हिदायत दी गई थी कि वह स्वागत की तैयारियों में इस बात का विशेष ध्यान रखें और पीले फूलों को चीनी राष्ट्रपति के सामने ना आने दें।