हालांकि इन चुनौतियों के बीच यूक्रेन अब अपनी सैन्य विशेषज्ञता को दूसरे देशों के साथ शेयर कर रहा है। खासकर ड्रोन युद्ध के अनुभव को मध्य पूर्व के देशों के साथ बांटा जा रहा है। जेलेंस्की के मुताबिक,सऊदी अरब, कतर और यूएई के साथ इस संबंध में समझौते भी हो चुके हैं। जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन आगे भी अन्य देशों के साथ सहयोग बढ़ाएगा और उन्हें ड्रोन टेक्नोलॉजी के साथ-साथ ट्रेनिंग मिशन भी उपलब्ध कराएगा।