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ईरान युद्ध लंबा चला तो यूक्रेन होगा कमजोर? जेलेंस्की ने बता दी बड़ी वजह

Volodymyr Zelenskyy News: जेलेंस्की ने कहा कि फिलहाल हथियारों और खुफिया जानकारी की सप्लाई में कोई बाधा नहीं आई है, लेकिन अमेरिका की सीमित उत्पादन क्षमता के चलते यूक्रेन को पहले से ही कम मात्रा में ये सिस्टम मिल रहे हैं।

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भारत

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Ashib Khan

Apr 23, 2026

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राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने दी चेतावनी (Photo-ANI)

US Iran conflict impact on Ukraine: अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की (Volodymyr Zelenskyy) ने चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर ईरान से जुड़ा संघर्ष लंबा खिंचता है, तो इससे यूक्रेन को अमेरिका से मिलने वाली अहम एंटी-मिसाइल डिफेंस सिस्टम की सप्लाई प्रभावित हो सकती है।

CNN को दिए इंटरव्यू में जेलेंस्की ने कहा कि फिलहाल हथियारों और खुफिया जानकारी की सप्लाई में कोई बाधा नहीं आई है, लेकिन अमेरिका की सीमित उत्पादन क्षमता के चलते यूक्रेन को पहले से ही कम मात्रा में ये सिस्टम मिल रहे हैं।

PURL प्रोग्राम के जरिए मिल रहे हथियार

उन्होंने बताया कि यूक्रेन को अमेरिकी हथियार ‘PURL प्रोग्राम’ के जरिए मिल रहे हैं, जिसमें नाटो देश मिलकर फंडिंग करते हैं। इस प्रोग्राम के तहत यूक्रेन पैट्रियट सिस्टम के लिए एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल और अन्य जरूरी हथियार खरीद पा रहा है, जो उसकी सुरक्षा के लिए बेहद अहम हैं।

खतरे की घंटी है युद्ध

इस दौरान राष्ट्रपति जेलेंस्की ने साफ कहा कि मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव यूक्रेन के लिए खतरे की घंटी है। उनके कहा कि अगर ईरान से जुड़ा युद्ध लंबा चलता है या सीजफायर में देरी होती है, तो अमेरिका का फोकस और संसाधन बंट सकते हैं, जिससे यूक्रेन की डिफेंस जरूरतों पर असर पड़ सकता है।

उन्होंने यह भी माना कि अमेरिका ने अब तक बहुत सीमित संख्या में ही ये सिस्टम दिए हैं, जिसकी बड़ी वजह वहां की उत्पादन क्षमता है।

इन देशों के साथ हुए समझौते

हालांकि इन चुनौतियों के बीच यूक्रेन अब अपनी सैन्य विशेषज्ञता को दूसरे देशों के साथ शेयर कर रहा है। खासकर ड्रोन युद्ध के अनुभव को मध्य पूर्व के देशों के साथ बांटा जा रहा है। जेलेंस्की के मुताबिक,सऊदी अरब, कतर और यूएई के साथ इस संबंध में समझौते भी हो चुके हैं। जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन आगे भी अन्य देशों के साथ सहयोग बढ़ाएगा और उन्हें ड्रोन टेक्नोलॉजी के साथ-साथ ट्रेनिंग मिशन भी उपलब्ध कराएगा।

ईरान और अमेरिका में तनाव जारी

बता दें कि फरवरी में इजरायल-अमेरिका द्वारा ईरान पर संयुक्त हमला किया गया। इस हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत हो गई, जिसके बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए इजरायल और खाड़ी देशों में हमले किए। ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को भी बंद कर दिया। 

बाद में दोनों देशों के बीच पाकिस्तान में पहले दौर की वार्ता हुई, लेकिन यह सफल नहीं हो पाई। फिर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने होर्मुज में नाकेबंदी कर दी।