
सुसनेर. नगरीय तथा ग्रमाीण क्षेत्रों में संचालित कई निजी व शासकीय स्कूलों में फस्र्ट एड बॉक्स व अग्निशमन यंत्र नहीं है। इस संबंध में शिक्षा विभाग द्वारा भी कोई पहल नही की गई। कुछ स्कूलों को छोड़ दें तो अधिकांश निजी व सरकारी स्कूलों में बच्चों को चोट लगने पर उनका प्राथमिक उपचार नहीं हो पाता है। और कभी आग लग जाए तो इसके बचने के लिए भी स्कूलों में अग्निशमक यंत्र नहीं है। आश्चर्य की बात यह है की स्कूलों के प्राचार्य शिक्षक भी बच्चों को चोट लगने पर अस्पताल का रास्ता दिखा देते हैं। इससे समय पर उनका उपचार नहीं हो पाता है। नियमानुसार फस्र्ट एड बॉक्स, डस्टबिन और अग्निशमन यंत्र होना अतिआवश्यक है। इन्हें पूरे किए बगैर मावि व हास स्तर के स्कूलों को तो मान्यता ही नहीं दी जा सकती है। अगर कभी स्कूलो में आगजनी की घटना हो जाए तो ऐसे में बच्चो को कैसे बचाया जाए इसके लिए भी स्कूल प्रशासन ने कोई व्यवस्था नहीं कर रखी है। कुछ शासकीय तथा निजी स्कूलों में यह सामान है लेकिन उन्हें सालों से खोला भी नहीं गया है। शिक्षा विभाग के अधिकारी स्कूलों का निरीक्षण तो किया जाता है। किंतु उस समय फस्र्ट एड बॉक्स और अग्निशमक जैसी छोटी खबरों पर ध्यान नहीं दिया जाता है।
जवाहर नवोदय का चयन परिणाम घोषित
सुसनेरञ्च पत्रिका . जवाहर नवोदय स्कूल प्रवेश परीक्षा सत्र 18-19 के परिणाम 31 जुलाई को घोषित कए गए। प्राचार्य ने बताया चयन परीक्षा में 40 विद्यार्थियों का चयन हुआ है।
अंजलि मीणा, विकास पाटीदार, जाहिद मंसूरी, दीपांशु सोनी, गर्वितासिंह चौहान, धीरज गुर्जर, विनीता परमार, सुमित मालवीय, संध्या, रवीना विश्वकर्मा, शकील जायसवाल, अंजलि जायसवाल, चंचल जायसवाल, विकास मेहर, जितेंद्र, रक्षित शर्मा, सूरजसिंह, आकाश गुर्जर, नागेश्वर, संदीप यादव, रितुराज, रोहित मालवीय, राधा यादव, राजनंदनी राठौर, प्रयाग मकवाना, नीतेश शर्मा, महेंद्रसिंह, हेमराज, जगपालसिंह राजपूत, पायल, प्रवीण, बाबूलाल सूर्यवंशी, पवन सूर्यवंशी, अंशुल कुमार, सुनील मेधवाल, जीवन पाटीदार, कालूराम, हेमराज भिलाला, नंदकिशोर भिलाल शामिल हैं।
Published on:
1 Aug 2018, 6:03 AM IST
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