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‘पेट्रोलियम मंत्री प्रधान जी, क्यों ले रहे जनता की जान जी’

आम आदमी पार्टी (आप) ने पेट्रोलियम पदार्थों में मूल्य वृद्धि पर केन्द्र सरकार को घेरा है।
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आगरा

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Abhishek Saxena

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Updated: 26 Sep 2017, 6:13 PM IST

aap

aap in agra

आगरा।आम आदमी पार्टी (आप) ने पेट्रोलियम पदार्थों में मूल्य वृद्धि पर केन्द्र सरकार को घेरा है। बढ़ते पेट्रोल और डीजल मूल्यों के विरोध में कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। पेट्रोलियम मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान से सवाल पूछा है कि वे आम जनता की जान क्यों ले रहे हैं। मांग की गई कि पेट्रोल और डीजल के मूल्य में कमी की जाए।

भाजपा सरकार आने के बाद वृद्धि
आम आदमी पार्टी के जिला संयोजक कपिल बाजपेयी की ओर से इस बारे में पेट्रोलियम मंत्री को संबोधित ज्ञापन भी भेजा गया है। ज्ञापन में कहा गया है- मई 2014 में केंद्र में भारतीय जनता पार्टी की सरकार की स्थापना के बाद पेट्रोलियम पदार्थों के दाम अब उच्चतम स्तर तक पहुंच गए हैं। सबसे अधिक परेशान करने वाला तथ्य ये है कि जब भाजपा की सरकार 2014 में सत्ता में आई थी, उसकी तुलना में अंतरराष्ट्रीय बाजार में आज कच्चे तेल की कीमत लगभग 50% कम हो गई है, उसके बावजूद भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बहुत अधिक वृद्धि हुई है।

कच्चे तेल के दाम घटने पर भी मूल्य वृद्धि
कपिल बाजपेयी ने बताया- संक्षिप्त तुलना करेंगे तो देखेंगे कि मार्च 2014 में ब्रेंट क्रूड की कीमत 108.6 प्रति बैरल थी, जबकि अब सितंबर 2017 में ब्रेंट क्रूड की कीमत 54.2 प्रति बैरल पर है। दूसरी चौंकाने वाली बात यह है कि भारतीय शहरों में मार्च 2014 में पेट्रोल की कीमत 70-80 रुपये प्रति लीटर की थी और फिलहाल पेट्रोल के दाम आज भी सभी भारतीय शहरों में एक जैसे हैं।

अनैतिक लाभ कमा रही कंपनियां
हमने विभिन्न केंद्रीय मंत्रियों के साथ ही आपकी पार्टी के अन्य नेताओं के बयानों को भी देखा है, इनमें से किसी भी वक्तव्य में गिनाये गए किसी भी कारण को पेट्रोल की बढ़ी कीमतों को सही ठहराने के लिए तर्कसंगत नहीं माना जा सकता है। सबसे पहले, केंद्र सरकार ने बढ़ती कीमतों से खुद को दूर करने की कोशिश की, जिसमें कहा गया है कि तेल कम्पनियों से सरकारी नियंत्रण हटा दिए गए हैं, अब पेट्रोल और डीजल की कीमतों को नियंत्रित करना तेल कंपनियों की जिम्मेदारी है क्योंकि, गतिशील मूल्य निर्धारण की अवधारणा शुरू की गई है। अब आलोचना बढ़ने के साथ, केंद्र ने अपना रुख बदल दिया है और कहा जा रहा है कि अन्य विकल्पों का पता लगाया जा सकता है। इसके विपरीत समस्या का समाधान करने के बजाय राज्यों को इसकी जिम्मेदारी देने की कोशिश की जा रही है। तथ्य यह है कि केंद्र में भाजपा की सरकार के काबिज होने के बाद से तेल कंपनियां आम आदमी की कीमत पर अनैतिक, अप्रत्याशित लाभ कमाने में लगी हुई हैं।

अंतरराष्ट्रीय बाजार मूल्य के आधार पर दर तय हो
आम आदमी पार्टी ने मांग की है कि पेट्रोलियम मंत्रालय तेल कंपनियों को तत्काल निर्देश जारी करके पेट्रोल और डीज़ल को अंतरराष्ट्रीय बाजार मूल्यों के साथ जोड़े। इन कंपनियों द्वारा कमाए जा रहे भारी मुनाफे को जनता के साथ साझा करे। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों के लिए ये जनादेश होता है कि वो आम आदमी को उचित कीमत पर ईंधन उपलब्ध कराएँ न कि किसी बेईमान, लालची औद्योगिक घरानों की तरह काम करके लाभ कमाएं।

ये रहे मौजूद
प्रदर्शन में कपिल वाजपेयी के साथ जगदीश राजौरिया, अशोक शर्मा, दीपक खेमनानी, गोपाल शर्मा, अनमोल बंसल, योगेश कुमार, रामसेवक धाकरे, विजेता शर्मा, अनुज गुप्ता, अतुल पुष्कर, अमित कुमार राहुल कुशवाहा, इन्द्रेश यादव, डॉ. बीडी खान, शानू कुरैशी, सलमान खान , सुनहरी लाल धारीया, हेमंत परिहार, शिखर चतुर्वेदी, आलोक, राजकुमार शर्मा, प्रमोद आदि ने भाग लिया।

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