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18 साल तक तलाक की लड़ाई के बाद मिला एक ऐसा कारण, कि पति पत्नी के फिर से मिल गए दिल

18 साल से न्यायालय में चल रहा था तलाक का केस।
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आगरा

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Dhirendra yadav

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Updated: 10 Dec 2017, 3:33 PM IST

talaq

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आगरा। कहते हैं शादी सात जन्मों का बंधन है, ऐसे ही नहीं टूटता। ऐसा ही मामला सामने आया आगरा में। जहां पिछले 18 वर्षों से पति पत्नी के बीच तलाक का केस न्यायालय में चल रहा था। एक दूसरे की वो दोनों सूरत भी देखना पसंद नहीं करते थे, लेकिन 18 साल बाद एक ऐसा कारण इन दोनों को मिला, कि दोनों ने साथ रहने का फैसला कर दिया।

ये है मामला
थाना न्यू आगरा के खंदारी की रहने वाली बबीता की शादी 12 दिसंबर 1994 में सुभाष के साथ हुई थी। शादी के कुछ दिन तक तो सबकुछ ठीक ठाक चला, लेकिन फिर ऐसी अनबन शुरू हुई, कि दोनों के रिश्तों में दरारें पड़ने लगीं। ये दरारें इतनी बढ़ गईं, कि दोनों ने एक दूसरे से अलग रहने का फैसला कर दिया। रिश्तेदारों ने खूब समझाया, पंचायतें भी हुईं, लेकिन बात नहीं बनी। अंत में वही हुआ, जिससे सभी डर रहे थे। ये मामला न्यायालय में पहुंच गया। शादी के पांच साल बाद यानि 1999 में कोर्ट में तलाक के लिए केस दायर कर दिया गया। इसकी अर्जी सुभाष ने शिमला की कोर्ट में दी थी। इसके खिलाफ बबीता सुप्रीम कोर्ट केस ट्रांसफर कराने के लिए गई। उसकी जीत हुई और केस की सुनवाई आगरा पहुंच गई। तब से यह मामला चल रहा था। दोनों तारीख पर आते, एक -दूसरे को देखते लेकिन दिल की दूरियां मिट नहीं पा रहीं थी।

मिल गए दिल
18 साल से ये मामला न्यायालय में चल रहा था। इस दौरान उनकी छोटी परी दामिनी अब 18 की हो गई। फैमिली कोर्ट में दोनों एक बार आमने सामने आए, तो दोनों ने इस बार अपनी बेटी के बारे में सोचा। बेटी की खातिर 18 साल की दूरियों को खत्म करने का मन बना लिया। दोनों ने एक होना का फैसला कर सुलह कर ली। राष्ट्रीय लोक अदालत में दोनों का पुनर्मिलन देख हर किसी को सुखद अहसास हुआ।