
Buddhist Guru
आगरा। एससी एसटी एक्ट में बदलाव को लेकर दो अप्रैल को हुए भारत बंद आंदोलन से मोहब्बत की नगरी कहा जाने वाला आगरा हिंसा की चिंगारी में झुलस उठा। सुलहकुल की नगरी के सद्भाव को कायम रखने, दोषी लोगो को कानून हाथ में लेने के लिए तथा पत्रकारों पर जान से मारने की नियत से किये गए हमले में घायल पत्रकारों को उचित मुयावजा एवं दोषियों को कठोर दंड देने के लिए एक अपील आज बौद्ध बिहार से धार्मिक गुरुओं एवं सामाजिक लोगों ने संयुक्त रूप से की।
ये बोले धर्म गुरु
भदन्त ज्ञान रत्न ने कहा की एससी और एसटी के संशोधन को लेकर लोगों में बहुत बेचैनी थी, कि दलितों के सभी अधिकार ख़त्म कर दिए गए हैं। उसी के लिए दलित शान्ति पूर्वक प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन यह उपद्रव कैसे हो गया। आगरा की जनता से अपील की कि वह शान्ति बनाए रखें, धर्म गुरु केवल शान्ति की अपील ही कर सकते हैं। महंत योगेश पुरी ने कहा की आंदोलन ठीक चला, लेकिन उसको किन्ही लोगों को छला गया उसी का यह विहंगम रूप बना।यह प्रशासन की कहीं न कहीं चूक हुई है। सभी को आंदोलन शान्ति पूर्वक चलाना चाहिए।
आगरा के सभी लोगों को मिल जुल कर रहना चाहिए। प्रशासन को भी सचेत रहना चाहिए, किभविष्य में कोई घटना न हो।
शांति बनाए रखना हमारा फर्ज
मौलाना उजैर आलम नायब शहर क़ाज़ी ने कहा की हम किसी महजब से जुड़े हैं, लेकिन हम सब एक हैं। हमारे शहर में शान्ति बनी रहे, यह हम सब का फर्ज है और प्रशासन की भी जिम्मेदारी है की किसी निर्दोष को सजा नहीं मिले। फादर सुरेश दयाल ने कहा की इंसान के पास सब एक सी चीज है। ईश्वर ने किसी को अलग से नहीं दिया है। कुछ लोग हैं जो फिजा को ख़राब करना चाहते हैं। गुर सिक्ख वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष रविन्द्र पाल सिंह टिम्मा ने कहा की दलित समाज का आंदोलन शान्ति पूर्वक हो रहा था, ऐसा क्यों हुआ कि आंदोलन एकदम उग्र हो गया, यह जांच का विषय है। करतार सिंह भारतीय ने आगरा के सभी धर्म गुरुओं को इस अपील करने के लिए साधुवाद दिया ।
सभी रहें मिल जुलकर
संचालन करते हुए शान्ति दूत बन्टी ग्रोवर ने कहा की आगरा सुलहकुल की नगरी है जहां सभी परस्पर प्यार से रहते हैं और आगरा के निवासी इस प्यार को हमेशा बना रखेंगे और जो पत्रकार सुबह से शाम तक बिना भूक प्यास के समाज का सच्चा दर्पण दिखाता है और जिसे लकतंत्र का चौथा स्तम्भ कहा जाता है, उन पर यह हमला एक कायराना हरकत है। दोषी कोई भी हो उन पर कड़ी से कड़ी सजा मिले, जिससे आगे कोई ये दुस्साहस न कर सके। इस अवसर पर राम गोपाल ,धर्म प्रकाश भारतीय, स्याम जरारी, नहर सिंह, बबलू अर्शी, पूरन सिंह, समी अघाई , देवकी नंदन सोन, बंगाली बाबू आदि की उ
Published on:
4 Apr 2018, 10:07 PM IST
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