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अब उड़ान की तैयारी, सिविल टर्मिनल के लिए जल्द मिलेगा ग्रीन सिंग्नल

नव वर्ष 2018 में सिविल टर्मिनल का निर्माण पूरी होने की उम्मीद।
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आगरा

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Dhirendra yadav

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Updated: 11 Dec 2017, 8:35 AM IST

आगरा। New Year 2018 में आगरा को एक ओर बड़ा तोहफा मिलने जा रहा है। खेरिया एयरपोर्ट पर नए सिविल टर्मिनल के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। अभी तक जो किसान जमीन न देने की जिद पर अड़े हुए थे, उन किसानों ने जमीन के बदले जमीन दिए जाने की बात पर सहमति जता दी है। इसके लिए सदर तहसील प्रशासन ने सरकारी जमीन की तलाश शुरू कर दी है।

ये है मामला
उत्तर प्रदेश सरकार और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के बीच 2016 में खेरिया एयरपोर्ट पर नए सिविल टर्मिनल के निर्माण को एमओयू हुआ था। धनौली, बल्हेरा व अभयपुरा की 23.32 हेक्टेअर जमीन में टर्मिनल बनाया जाना है। इसके लिए अब तक करीब 20 हेक्टेअर जमीन की खरीद जिला प्रशासन कर चुका है। यहां कुछ मकान मालिक व किसान कम दर पर जमीन देने को तैयार नहीं हैं।

ये है मांग
मकान मालिक व किसानों की मांग है कि जब उन्हें सर्किल रेट के हिसाब से स्टांप ड्यूटी रजिस्ट्री के लिए देनी पड़ी है, तो मुआवजा भी उसी के अनुसार मिलना चाहिए। वहीं आधा दर्जन किसानों ने जमीन के बदले जमीन की मांग की। प्रशासन उन्हें लंबे समय से मनाने की कोशिश में जुटा हुआ है, लेकिन उसे सफलता नहीं मिल रही। वहीं सबसे बड़ी समस्या ये भी आ रही थी, कि इन्हें अब यदि सर्किल रेट के हिसाब से मुआवजा दिया गया, तो पूर्व में अधिग्रहीत की गई जमीन और इस जमीन की मुआवजा दर अलग अलग हो जाएगी, इससे विरोध का सामना करना पड़ेगा।

बनी बड़ी रणनीति
8 दिसंबर को आए उत्तर प्रदेश के नागरिक उड्डयन मंत्री नंदगोपाल नंदी ने धनौली का दौरा कर जमीन खरीद की प्रक्रिया शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद प्रशासन इसमें जुट गया है। रविवार को एसडीएम सदर श्यामलता आनंद ने टीम के साथ किसानों को जमीन के बदले जमीन देने के उद्देश्य से शमसाबाद, ग्वालियर रोड, पथौली व उसके आसपास की भूमि का निरीक्षण किया। आधा दर्जन किसानों को जमीन के बदले जमीन दी जानी है। इसके लिए सरकारी जमीन देखी जा रही है। करीब डेढ़ हेक्टेयर जमीन किसानों को दी जानी है।