
District Hospital Agra
आगरा। जिला अस्पताल आगरा में स्वास्थ्य सेवायें कैसी भी हों, लेकिन पांच मिनट की देरी की सजा 12 घंटे की है। ये हकीकत उस समय सामने आई, जब पत्रिका टीम जिला अस्पताल पहुंची। यहां पर रजिस्ट्रेशन काउंटर पर एक पीड़ित पर्चा बनवाने के लिए कर्मचारियों के आगे गिड़ गिड़ा रहा था। बस वह पांच मिनट देरी से आया था। उसका कहना था कि 20 किमी दूर से आया है। विगत दिवस भी देर हो गई थी, जिसकी वजह से वापस चला गया था। आज घर से जल्दी निकला, लेकिन जाम की वजह से फिर देरी हो गई।
ये था मामला
जिला अस्पताल में आज पत्रिका टीम पहुंची। जिला अस्पताल के बाहर बने रजिस्ट्रेशन काउंटर से लोगों की भीड़ छट गई थी और समय हुआ था दिन के 1 बजकर 35 मिनट। यहां पर टेढ़ी बगिया के पास का रहने वाला राजेश अपनी पुत्री का बीटीसी में दाखिले के लिए चिकित्सीय प्रमाण पत्र बनवाने आया था। राजेश ने काउंटर में अंदर बैठे कर्मचारियों से पर्चा बनाने के लिए, कहा तो अंदर से आवाज आई, सिर्फ 1.30 तक ही पर्चे बनते हैं। राजेश मिन्नत करने लगा, कि पांच मिनट की तो ही देरी हुई है, वह कल भी वापस चला गया था। आज जाम में फंस गया, जिसकी वजह से देरी हुई, लेकिन कर्मचारियों ने उसकी कोई बात नहीं सुनी।
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12 घंटे की मिली सजा
राजेश अपनी पुत्री के साथ जिला अस्पताल आया था। कैमरे के सामने कुछ बोलने के लिए तैयार नहीं था। कहना था कि कहीं फोटो आने के बाद डॉक्टरों ने उसकी पुत्री का मेडिकल सर्टिफिकेट नहीं बनाया तो, लेकिन पीड़ा थी, कि अब उसे कल वापस फिर आना पड़ेगा। पत्रिका रिपोर्टर ने काउंटर पर बैठे कर्मचारियों से कहा भी तो, कर्मचारियों ने टाइम का हवाला देते हुए, पर्चा बनाने से इंकार कर दिया और काउंटर छोड़कर चले गए। राजेश भी क्या करता, वह भी पांच मिनट देरी की सजा 12 घंटे मानकर वापस चला गया।
ये बोले सीएमएस
इस मामले में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुबोध कुमार से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि पर्चे बनने का समय 1.30 बजे तक का है, लेकिन इसके बाद भी यदि किसी की मजबूरी है, तो पर्चे बनाए जा सकते हैं। यदि इस प्रकार की कोई समस्या आती है, तो पीड़ित उनसे मिल सकता है।
Published on:
14 Jul 2018, 4:52 PM IST
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