
Father brutally killed daughter
आगरा। थाना सदर क्षेत्र में 22 वर्षीय युवती की बेरहमी से हत्या करने वाला कोई और नहीं, बल्कि उसका पिता ही था। युवती द्वारा प्रेमी के साथ शादी की जिद के चलते पिता ने पेपर कटर से गला रेतकर उसकी हत्या कर दी। इस मामले में पिता ने पुलिस को 12 घंटे तक घुमाया। पिता ने पुलिस को कहानी बताई कि बेटी रात में नीचे सो रही थी। मंगेतर से बात करने के लिए ऊपर गई। रात में कोई छत के रास्ते घर में आया और बेटी की गला रेतकर हत्या कर गया। 4.40 बजे जब वह टहलने के लिए कपड़े बदलने ऊपर गया, तो बेटी का शव पड़ा मिला।
ऐसे हुआ मामले का खुलासा
पुलिस ने जब घटनास्थल का निरीक्षण किया तो पाया कि शिवानी के शव के पास खून से गौरव लिखा था। यहीं से पुलिस को शक हुआ। परिजनों से पूछताछ में जानकारी हुई कि गौरव शिवानी का प्रेमी है। दोपहर तक पुलिस प्रेमी तक पहुंच गई। शिवानी के साथ उसके मोबाइल की कॉल डिटेल भी निकलवाई गई। इससे साबित हो रहा था कि रात में उसकी शिवानी से बात हुई थी और रात में उसकी लोकेशन भी शिवानी के घर की मिली। उसके द्वारा दी गई जानकारी सही साबित हो रही थी। इसी आधार पर देर रात पुलिस ने शिवानी के पिता रविंद्र नाथ को हिरासत में ले लिया।
पिता पर हुआ इस तरह शक
पुलिस ने बताया कि शिवानी का गला कटा हुआ था और लहूलुहान पड़ी थी। इसके बाद भी पिता ने पुलिस कंट्रोल रूम में खुदकशी करने की सूचना दी। शिवानी के पिता के घुटनों तक खून के छींटे थे और बनियान पर भी खून था, जिसे धोकर साफ करने का प्रयास किया गया। शव के पास खून से फर्श पर गौरव लिखा था। इसके बाद भी तहरीर में उसके नाम का कोई जिक्र नहीं किया। घर चारों ओर से बंद था। ऐसे में बाहरी व्यक्ति का घर में घुसना असंभव था। अगर घर में आकर किसी बाहरी व्यक्ति द्वारा हत्या की जाती, तो शिवानी की चीखने की आवाज निकलती और परिवार के लोग सुनते। शिवानी के पिता रविंद्र ने 4.40 बजे किराएदार को बताया। इसके बाद उनके मोबाइल से कॉल कर पुलिस को सूचना दी।
पिता करना चाहता था कहीं और शादी
गौरव से शिवानी के प्रेम संबंध तीन साल पुराने थे। दो बार वे घर छोड़ कर भाग चुके थे। एक बार एक घंटे बाद ही पकड़ में आ गए, जबकि दूसरी बार दिल्ली में 45 दिन तक साथ रहे। अब परिजनों ने शिवानी की शादी ग्वालियर में तय कर दी थी। छह फरवरी को उसकी शादी होनी थी, लेकिन शिवानी इसके लिए तैयार नहीं थी। वह गौरव से शादी करने को किसी भी हद तक जाने को तैयार थी, मगर परिवार के लोग उससे शादी करना नहीं चाहते थे। गला रेतने के बाद जब वह फर्श पर पड़ी थी, तब भी गौरव को पिता से बचकर भागने को कह रही थी।
तड़प-तड़पकर निकला दम
पेपर कटर से गला कटने के बाद शिवानी फर्श पर पड़ी थी। आसपास पड़े खून में उसके हाथ और पैर रगड़ने के निशान थे। इसे देखकर लग रहा था कि घायल होने के बाद वह तड़पती रही होगी, इसके बाद उसकी जान निकली।
Published on:
30 Oct 2017, 8:40 AM IST
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