
Lemon chilli
आगरा। मोहब्बत की नगरी आगरा में करीब 44 परिवार ऐसे हैं, जिनके जीने का सहारा नींबू और मिर्च है। आपने दुकान, घर या दफ्तर के मुख्य द्वार पर नींबू-मिर्च टंगी हुईं देखी होंगी। आम भाषा में इसे टोटका कहा जाता है। लोगों का मानना है कि इससे बुरी नजर नहीं लगती है, घर-बार और कारोबार खुशहाल रहता है। खैर, जो भी हो, हम इस दावे का समर्थन नहीं करते लेकिन यहां बड़ी बात यह है कि इस टोटके के सहारे ही यह परिवार अपना जीवन यापन कर रहे हैं।
ये कहते हैं इन परिवार के सदस्य
डेरे में रहने वाले पप्पू और हरि व ओमप्रकाश का भी दावा है कि नीबू मिर्च टांगने से ब्यादाएं दूर भागती हैं और संकट से मुक्ति मिलती है। डेरे में रहने वाले ओमप्रकाश ने यह भी बताया कि यह इन नींबू मिर्च की मालाओं को शुक्रवार से बनाना शुरू करते हैं, जो शनिवार की भोर से आगरा के विभिन्न क्षेत्रों में घरों और दुकानों और प्रतिष्ठानों पर लगाने के लिए निकलते हैं। प्रत्येक व्यक्ति करीब 500 मालाओं को लगाने का लक्ष्य लेकर निकलता है। एक माला में सात मिर्च और एक नींबू होता है, जिसकी कीमत 10 रूपये से 15 रूपये तक मिलती है।
इस वजह से चुना ये काम
नींबू मिर्च के कारोबार की वजह पूछे जाने पर ओमप्रकाश ने बताया कि पाप दादे अवगुणी थे जो शराब व अन्य नसा करने के आदि थे। ऐसे में इन परिवारों ने जीवन यापन करने के लिए नींबू मिर्च के कारोबार को चुना है जो शुक्रवार और शनिवार के दिन चलता है बाकी के दिन में रिक्शा आदि चलाने के लिए चले जाते हैं। आगरा के पचकुइयां क्षेत्र में स्थित डीआईओएस कार्यालय परिसर में करीब 44 परिवार हैं, जो डेरे में पिछले करीब 40 वर्षों से रहते हैं। मूल रूप से यह लोग खुद को फैजाबाद का बताते हैं।
Updated on:
17 Aug 2019, 6:35 AM IST
Published on:
10 Aug 2019, 11:56 AM IST
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