8 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

मुस्लिम बहुल मंटोला नाले से अतिक्रमण हटाने के दौरान पथराव

नगर निगम ने पुलिस बल के साथ ढहाए अवैध कब्जे, दुकानदारों से नोकझोंक
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

आगरा

•

image

Amit Sharma

•

Updated: 15 Jun 2019, 7:02 PM IST

encroachment

encroachment

आगरा। बारिश सिर पर है। मंटोला नाले के आसपास हर साल जलभराव होता है। नाले की ठीक से सफाई नहीं हो पाती है। इसका कारण है नाले पर अतिक्रमण। नगर निगम की टीम ने शनिवार को सख्ती के साथ अतिक्रमण हटवाए। कुछ लोगों ने विरोध किया, लेकिन पुलिस बल के आगे उनकी एक न चली। नगर निगम की टीम पर पथराव भी किया। पथराव करने वाले एक युवक को पुलिस ने पकड़ लिया। मदीना तिराहे से महावीर नाला रोड पर चार जेसीबी की मशीनें लगाकर दर्जनों अवैध निर्माण गिरा दिए गए।

विरोध दब गया

मंटोला क्षेत्र में नाले के ऊपर जूते आदि की दुकान और फैक्ट्री हैं। जूते की कतरन से नाला जाम हो जाता है और बारिश का पानी नहीं निकल पाता। मंटोला नाले से अतिक्रमण हटाने के लिए कई बार तैयारी की गई। नगर आयुक्त ने अतिक्रमण के खिलाफ अभियान के लिए एडीएम सिटी पुलिस फोर्स मांगा था। लेकिन ये अभियान चल नहीं सका। आदेश फाइलों में दबकर रह गया। शनिवार को यहां नगर निगम की टीम ने हिम्मत दिखाकर अतिक्रमण हटाया। कुछ लोगों ने हिन्दू-मुसलमान का मुद्दा उठाने का प्रयास किया। पुलिस बल देखकर उनकी जुबान दबी रह गयी।

बारिश में भरता है पानी

मंटोला नाला 22 फुट गहरा है। इसके ऊपर लोगों ने अवैध रूप से दुकान और फैक्ट्री बना ली हैं। इस कारण से नाले की सफाई नहीं हो पाती और जलभराव होता है। खामियाजा शहर के रोशन मोहल्ला के दुकानदारों को करोड़ों रुपये का नुकसान झेलकर चुकाना पड़ता है। बारिश के दौरान रोशन मोहल्ले में जल निकासी नहीं होता, दस-दस फुट तक पानी भर जाता है।

पहली बार कार्रवाई

ऐसा पहली बार हुआ है जब मंटोला नाले से अतिक्रमण हटाया गया है। विशेष समुदाय के कारण अधिकारी यहां कोई भई कार्रवाई करने से डरते हैं। इस साल नगर निगम ने हिम्मत की। सख्ती बरती। परिणाम यह हुआ कि बिना भेदभाव के अतिक्रमण ध्वस्त कर दिए गए। सख्ती देखकर लोग खुद ही अपना सामान लेकर चलते बने। नाले पर दुकान और मकान बने हुए थे। इन्हीं के कारण पानी भरता था। कपड़ा व्यवसायी खासे परेशान थे। आशा की जा रही है कि इस बार बारिश में जलभराव नहीं होगा।