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Nagar Nikay Chunav UP 2017 क्या ‘मिनी नागपुर’ में जीत पाएगी भाजपा

निकाय चुनाव 2017 में जयपुर हाउस में मतदान का प्रतिशत उत्साहवर्धक नहीं है।
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आगरा

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Dhirendra yadav

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Updated: 27 Nov 2017, 4:29 PM IST

आगरा।जयपुर हाउस क्षेत्र को ‘मिनी नागपुर’ कहा जाता है। जयपुर हाउस राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का बृज प्रांत कार्यालय है। इसका नाम माधव भवन है। जयपुर हाउस में ही भारतीय जनता पार्टी का बृज क्षेत्र कार्यालय है। इसके बाद भी उत्तर प्रदेश निकाय चुनाव 2017 में जयपुर हाउस में मतदान का प्रतिशत उत्साहवर्धक नहीं है। चुनाव परिणाम क्या होगा, यह तो एक दिसम्बर को पता चल पाएगा, लेकिन अभी तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। वैसे, जयपुर हाउस वार्ड को लेकर भाजपा कभी चिन्ता में नहीं रहती है।

व्यापार कर कार्यालय मतदान केन्द्र
वार्ड नम्बर 74-जयपुर हाउस के मतदाताओं के लिए दो मतदान केन्द्र बनाए गए थे- व्यापार कर कार्यालय और आगरा विकास प्राधिकरण कार्यालय। व्यापार कर कार्यालय जयपुर हाउस के बूथ नम्बर 765 पर 40.61 फीसदी, बूथ नम्बर 766 पर 34.12 फीसदी, बूथ नम्बर 767 पर 48.39, बूथ नम्बर 768 पर 44.68, बूथ नम्बर 769 पर 50.05 फीसदी, बूथ नम्बर 770 पर 49.47, बूथ नम्बर 771 पर 47.22 फीसदी मतदान हुआ है।

आगरा विकास प्राधिकरण कार्यालय मतदान केन्द्र
इसी प्रकार आगरा विकास प्राधकरण कार्यालय में बनाए गए मतदान केन्द्र पर बूथवार विवरण इस प्रकार है- बूथ नम्बर 772 पर 44.85 फीसदी, बूथ नम्बर 773 पर 36.46 प्रतिशत, बूथ नम्बर 774 पर 43.22 प्रतिशत, बूथ नम्बर 775 पर 44.15 प्रतिशत मतदान हुआ है। इस प्रकार पता चलता है कि सिर्फ एक बूथ पर 50 फीसदी से अधिक 50.05 फीसदी मतदान हुआ है। जाहिर है कि मतदाता पूरे मन के साथ मतदान केन्द्र तक नहीं पहुंचा है। यह हाल तब है जबकि जयपुर हाउस इलाके में भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बड़े-बड़े नेता रहते हैं।

नगर निगम के प्रति मतदाता उदासीन
राजनीतिक विश्लेषक डॉक्टर केएस राना कहते हैं कि मतदाताओं में नगर निगम को लेकर उदासीनता है। सबको यही लग रहा है कि किसी को वोट दे दो, होना कुछ नहीं है। न सफाई होगी और न ही साफ पानी मिलेगा। पिछले 25 साल से वही समस्याएं दिखाई दे रही हैं। इसी कारण मतदान के प्रति अरुचि दिखाई दी है। डॉ. केएस राना ने आशा जताई है कि इस बार कुछ अच्छा होने की उम्मीद है। भाजपा का मेयर बनने पर उसके लिए हर तरफ से अनुकूल परिस्थितियां हैं।

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