
आगरा किला अब सिर्फ मुगलों की ही नहीं बल्कि लोधी और राजपूत वशंज के इतिहास की गाथा भी सुनाएगा। यहां आने वाले पर्यटकों को छत्रपति शिवाजी और गुरु गोविंद सिंह के शौर्य और पराक्रम की गाथा भी सुनने को मिलेगी। जिसके लिए पर्यटन निगम ने विशेष तैयारी शुरू कर दी है। इसी साल के अंत से किले में ध्वनी और प्रकाश कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। जिसके तहत 45 मिनट का शो रखा जाएगा। जहां एक बार में करीब 200 पर्यटकों के बैठने की व्यवस्था की जाएगी। वहीं शो में राजपूत और लोध वंश के संदर्भों को भी ध्वनि एवं प्रकाश कार्यक्रम में दिखाया जाएगा।
शो में मुगलों के अलावा और बहुत कुछ
गौरतलब है कि पर्यटन निगम ने 2004 और फिर 2011 में भी किले में ध्वनी और प्रकाश कार्यक्रम की शुरुआत की थी। लेकिन ये कार्यक्रम कुछ साल ही चल सका और बाद में शो बंद करना पड़ा। लेकिन इस बार पर्यटन निगम ने प्रोपुअर प्रोजेक्ट के तहत कार्यक्रम को शुरू करने की योजना तैयार कर ली है। 2019 में शो के बंद हो जाने के बाद इस साल फिर से शो शुरू होगा। वहीं इस बार शो में काफी चीजें बदली हुई होंगी। जब पर्यटक आगरा किले में जाएंगे तो उन्हें शो में मुगलों के अलावा और भी बहुत कुछ देखने को मिलेगा।
08 करोड़ की लागत से शुरू होगा कार्यक्रम
दरअसल, इस बार शो में मुगलों के अलावा छत्रपति शिवाजी के किले में बंद रहने और गुरु गोविंद सिंह को किले में बुलाए जाने के संदर्भों को भी दिखाया जाएगा। वहीं शो की स्किप्ट तैयार करने के लिए एक कमेटी गठित की गई थी। जिसके लिए उपअधीक्षण पुरातत्वविद सुनीता तेवतिया, अरुण डंग, प्रो. सुगम आनंद और सिटी मजिस्ट्रेट को रखा गया था। वहीं स्क्रिप्ट में हुए संशोधन के बाद उसे डीएम के पास भेज दी गई है। जहां से स्क्रिप्ट को शासन के पास भेजा जाएगा। इस पूरे कार्यक्रम को 08 करोड़ की लागत से शुरू किया जाएगा।
Published on:
6 Sep 2022, 10:17 AM IST
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