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Heavy Rain In Agra : आगरा में बाढ़ का खतरा, लाल निशान की ओर बढ़ रही यमुना, अलर्ट जारी

Flood Alert in Agra : बाढ़ के खतरे को देखते हुए प्रशासन सतर्क है। निचले इलाके खाली कराए जाने का काम शुरू हो गया है। यमुना में 1978 में बाढ़ आई थी। तब भारी तबाही मची थी।
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आगरा

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Bhanu Pratap Singh

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Updated: 31 Jul 2018, 2:39 PM IST

mayor agra

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आगरा। लगातार बारिश के चलते यमुना का जलस्तर बढ़ रहा है। खतरे का निशान 495 फुट पर है। इस समय यमुना का जलस्तर 491.3 फुट पर है। एक फुट पानी बढ़ते ही यमुना किनारे रहने वाले लोगों के लिए खतरा हो जाएगा। इसे देखते हुए प्रशासन सतर्क है। निचले इलाके खाली कराए जाने का काम शुरू हो गया है। यमुना में 1978 में बाढ़ आई थी। तब भारी तबाही मची थी।

यहां खतरा अधिक

यमुना किनारे बसी कॉलोनी तनिष्क राजश्री में पानी कभी भी भर सकता है। जिला प्रशासन ने इस कॉलोनी में मुनादी करा दी है। राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण में दायर की गई याचिका में इस कॉलोनी का भी नाम है। यह इलाका डूब क्षेत्र में आता है। इसके अलावा सिकंदरपुर, मऊ, नगला तल्फी, बसई, कछपुरा, गढ़ी चांदनी, गढ़ी बांस, करमना गांव, बुढ़ाना गांव, एत्मादपुर मदरा गांव, समोगर गांव, सरगन खेड़ा में बाढ़ का खतरा है। पानी अधिक बढ़ा तो यमुना किनारा, बेलनगंज वाला इलाका चपेट में आएगा।

क्यों खराब हो रही स्थिति

ताजे वाला बांध (हथिनी कुंड), ओखला बांध और गोकुल बैराज से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। सोमवार को गोकुल बैराज से 45011 क्यूसेक, ओखला बैराज से 64189 क्यूसेक और ताजेवाला बैराज से 32342 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। उधर, लगातार बारिश हो रही है। इसका पानी भी यमुना में जा रहा है। इसके चलते जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। अगर बारिश और बांधों से पानी छोड़े जाने का क्रम यूं ही जारी रहा तो बाढ़ तय है।

मेयर ने लिया जायजा

इस बीच यमुना के बढ़ते जलस्तर को लेकर महापौर नवीन जैन ने पार्षदों संग बल्केश्वर स्थित यमुना घाट का जायज़ा लिया। साथ ही यमुना के बढ़ते जलस्तर की भी जानकारी ली। क्षेत्रीय लोगों ने महापौर नवीन जैन को बताया कि यमुना का जलस्तर पहले की अपेक्षा काफी बढ़ गया है। पहले यमुना में पानी ना के बराबर था लेकिन यमुना अपने पुराने स्वरूप में लौट आई है। इसके जलस्तर बढ़ने से शहर में बाढ़ के आने की आशंका होने लगी है।

नगर निगम तैयार

महापौर नवीन जैन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से अपील की कि वह यमुना किनारे को छोड़कर कुछ दिनों के लिए कहीं और जाकर रहने लगें, क्योंकि जिला प्रशासन ने मथुरा से लगातार जलस्तर छोड़े जाने की बात कही है। यमुना खतरे के निशान पर आ चुकी है। महापौर नवीन जैन ने बताया कि अगले दो-तीन दिनों में मथुरा और दिल्ली से यमुना से और पानी जल्द छोड़ा जाएगा। महापौर का कहना था कि जिला प्रशासन से चेतावनी मिलने के बाद नगर निगम भी किसी भी आपदा से निपटने को तैयार हो चुका है।

जल संस्थान को निर्देश

महापौर नवीन जैन ने जलसंस्थान के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अगर यमुना नदी में बाढ़ के हालात बनते हैं तो यमुना किनारे कॉलोनी में बसे जनता तक हर हाल में पहले ही सूचना पहुंच जानी चाहिए, ताकि लोगों किसी भी खतरे में न पड़ते हुए सपरिवार किसी सुरक्षित स्थान पर पहुंच सकें। इस मौके पर पार्षद अमित ग्वाला, विमल गुप्ता, हरिओम अग्रवाल, संजय राय, प्रकाश केशवानी, पूर्व पार्षद संजय अग्रवाल, अंकुश मंगल, केशव अग्रवाल आदि मौजूद रहे।

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