उधर रेशमा ने भी निखिल के आरोपों को पब्लिसिटी स्टंट बताते हुए कहा कि उनकी बातों में कोई तथ्य नहीं लगता है। कभी वे पास को छोडक़र भाजपा से जुड़ते हैं और भाजपा छोडक़र फिर पास से जुड़ते हैं। जिनका खुद का अपना कोई रूख स्पष्ट नहीं रहा। तब निखिल की बात पर कितना विश्वास किया जा सकता है। रेशमा ने कहा कि हार्दिक पटेल ने बुधवार को कहा था कि पास की ओर से वे खुद ही प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे, तब निखिल के सामने आने का क्या औचित्य है।