
जामनगर के जलानी जार इलाके में ईश्वर विवाह के अवसर पर मौजूद अतिथि व आयोजक।
जामनगर. शहर के जलानी जार इलाके में 323 साल पुरानी गरबी में स्थापित माता के समक्ष ईश्वर विवाह का कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां पुरुषों ने अनिवार्य रूप से पारंपरिक पोशाक पीतांबरी (धोती) के साथ इच्छानुसार कमर के ऊपरी वस्त्र के रूप में अबोटा यानी कुर्ता, शर्ट पहना।
ललाट पर चंदन का तिलक लगाकर पुरुषों ने बिना किसी लाउड स्पीकर या वाद्य यंत्र का उपयोग किए ईश्वर विवाह के श्लोक के साथ नगाड़े की धुन पर 3.30 घंटे तक गरबा खेला। इस दौरान दो लोग भगवान शिव और माता पार्वती के रूप में वेश पहनकर शामिल हुए। इस गरबी में ईश्वर विवाह का विशेष महत्व है। बिना रुके पुरुषों ने गरबा खेला। ईश्वर विवाह के प्रत्येक श्लोक को चार बार गाया ताकि आद्यकवि देवीदास द्वारा रचित 'ईश्वर विवाह' का अर्थ श्रोता आसानी से समझ सकें। जलानी जार इलाके के लोगों और अन्य महिलाओं सहित दर्शक भोर तक ईश्वर विवाह के दौरान मौजूद रहे। इस अवसर पर मेयर मोनिका व्यास, विधायक दिव्येश अकबरी, शहर भाजपा अध्यक्ष बीनाबेन कोठारी भी शामिल हुए।
इलाके के निवासी महीधर शुक्ला ने बताया कि मैं पिछले 45 वर्षों से यहां गरबी खेलने आता हूं। गरबी में 5 साल से लेकर 100 साल तक के पुरुष गरबा खेलते हैं। यहां जातिगत भेदभाव नहीं होता। इस गरबी में दशहरे की रात और एकादशी की सुबह माता को विदाई दी जाएगी।
राजकोट. पंचनाथ गरबी मंडल की ओर से शहर में पिछले 111 वर्षों से श्री पंचनाथ महादेव मंदिर चौक में आयोजित होने वाली गरबी में रविवार को नवरात्रि की अष्टमी की रात को ईश्वर विवाह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पुरुषों ने पीतांबर पहनकर रास खेला। यह आयोजन बिना किसी शोर-शराबे के केवल नगाड़ों और पारंपरिक वाद्ययंत्रों के साथ किया गया। संपूर्ण आयोजन देवांग मांकड़, अनिल देसाई और वसंत जसाणी के मार्गदर्शन एवं सहयोग से किया गया।
Updated on:
19 Oct 2026 10:28 pm
Published on:
19 Oct 2026 10:28 pm
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