
अहमदाबाद सिविल अस्पताल में ब्रेनडेड मरीज के साथ चिकित्साकर्मी व मरीज के परिजन।
Ahmedabad: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर निवासी 42 वर्षीय ब्रेनडेड व्यक्ति के अंगदान से पांच जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन मिल सकेगा। रोजगार की तलाश में अहमदाबाद आए इस युवक को एक हादसे में सिर पर गंभीर चोट लगने के बाद ब्रेनडेड घोषित कर दिया था। पति को खोने के असहनीय दुख के बीच पत्नी ने हिम्मत दिखाते हुए अंगदान की सहमति दी। इसके साथ ही अहमदाबाद सिविल अस्पताल में अब तक 259 ब्रेनडेड मरीजों के अंगों का दान हो चुका है।
गोरखपुर निवासी यह व्यक्ति अहमदाबाद के चांगोदर क्षेत्र में रहता था। गत 26 अक्टूबर को हादसे में सिर पर गंभीर चोट लगने के बाद उसे शहर के असारवा सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। चिकित्सकों के तमाम प्रयासों के बावजूद बुधवार को उसे ब्रेनडेड घोषित कर दिया गया। इसके बाद अस्पताल की अंगदान टीम ने परिजनों की काउंसलिंग की। ब्रेनडेड मरीज की पत्नी ने पहाड़ जैसे दर्द के बीच भी अंगदान का निर्णय लिया।हृदय, लिवर, दोनों किडनी और पैंक्रियाज का दानइस अंगदान से एक हृदय, एक लिवर, दो किडनी और एक पैंक्रियाज सहित कुल पांच अंग प्राप्त हुए। इनमें लिवर, दोनों किडनी और पैंक्रियाज को सिविल मेडिसिटी परिसर स्थित किडनी अस्पताल तथा हृदय को यूएन मेहता अस्पताल में प्रत्यारोपण के लिए भेजा गया।
सिविल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राकेश जोशी ने बताया कि ब्रेनडेड की स्थिति में मस्तिष्क की कार्यप्रणाली स्थायी रूप से बंद हो जाती है। निर्धारित चिकित्सकीय प्रक्रिया और मानकों के अनुसार ब्रेनडेथ की पुष्टि की जाती है। उचित चिकित्सकीय मूल्यांकन (एपनिया टेस्ट) और परिजनों की सहमति के बाद अंगदान की प्रक्रिया की जाती है। इससे दूसरे मरीजों को जीवनदान दिया जा सकता है।
राज्य सरकार और सिविल अस्पताल के प्रयासों से अब तक 259 ब्रेनडेड मरीजों के अंगदान के माध्यम से 861 अंग और 260 ऊतक दान में प्राप्त हुए हैं। इनमें सबसे अधिक 478 किडनी, 233 लिवर, 83 हृदय, 34 फेफड़े, 25 पैंक्रियाज, 6 हाथ, 2 छोटी आंत, 52 त्वचा और 208 आंखें शामिल हैं। एक व्यक्ति का अंगदान कई परिवारों के जीवन में उम्मीद की नई किरण जगा सकता है।
Updated on:
30 Oct 2026, 10:27 PM IST
Published on:
30 Oct 2026, 10:26 PM IST
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