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Gujarat: वांकानेर में एसएमसी की छापेमारी, 10 लाख की विदेशी शराब जब्त, चार गिरफ्तार

-पकड़े गए चारों आरोपी राजस्थान के जालौर जिले के निवासी, हरियाणा से कार में लेकर आए थे शराब, डिलिवर करें उससे पहले ही पकड़े गए
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अहमदाबाद

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nagendra singh rathore

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Updated: 30 Oct 2026, 10:04 PM IST

smc team

एसएमसी टीम की गिरफ्त में आरोपी। जब्त् की गई विदेशी शराब और कार।

Ahmedabad. गुजरात में शराबबंदी के बावजूद विदेशी शराब की हेराफेरी और अवैध बिक्री का सिलसिला जारी है। ऐसे में गुजरात पुलिस के स्टेट मॉनीटरिंग सेल (एसएमसी) की टीम ने मोरबी जिले के वांकानेर में दबिश देकर 10 लाख रुपए की विदेशी शराब जब्त कर चार आरोपियों को पकड़ा है। पकड़े गए चारों ही आरोपी राजस्थान के जालौर जिले के रहने वाले हैं। इस मामले में और चार आरोपियों के नाम सामने आए हैं, उन चारों को फरार घोषित किया है।

एसएमसी ने शुक्रवार को बताया कि गुरुवार को टीम को पुख्ता सूचना मिली थी कि मोरबी जिले के वांकानेर चुंगीनाका चार रास्ता के पास जडेश्वर मोबाइल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स दुकान के सामने मार्ग पर एक कार खड़ी है। उसमें विदेशी शराब है। सूचना के आधार पर मौके पर दबिश दी गई। कार में तलाशी के दौरान विदेशी शराब और बीयर के 658 बोतलें और टीन बरामद हुए। इनकी कीमत 10 लाख 41 हजार रुपए है।

चालक और अन्य तीन सवारों को पकड़ा

पुलिस ने कार से चालक और कार में सवार अन्य तीन लोगों को पकड़ लिया। इनमें श्रवणकुमार बिश्नोई, विकासकुमार बिश्नोई, अशोककुमार बिश्नोई और राहुलकुमार बिश्नोई शामिल हैं। चारों ही आरोपी राजस्थान के जालौर जिले के चितलवाना क्षेत्र के अलग-अलग गांवों के रहने वाले हैं। श्रवणकुमार और विकास विरावा गांव के, जबकि अशोक केरिया गांव और राहुल हालीवाव गांव का रहने वाला है।

रानीवाड़ा निवासी सहित चार अन्य फरार

इस मामले में राजस्थान के जालौर जिले के रानीवाड़ा निवासी कैलाश उर्फ संजू बिश्नोई, हरियाणा के गुरुग्राम का रहने वाला संजीव, मोरबी निवासी विपुल और जब्त की गई कार का मालिक फरार है। इस मामले में वांकानेर सिटी पुलिस थाने में 30 अक्टूबर को प्राथमिकी दर्ज की गई है।

हरियाणा से लेकर आए थे शराब

प्राथमिक जांच में सामने आया कि पकड़े गए आरोपियों में श्रवण कुमार और वांछित आरोपी कैलाश उर्फ संजू साथ में मिलकर जयपुर में मिनरल वॉटर का व्यवसाय करते थे। कैलाश शराब की अवैध हेराफेरी का धंधा करता था। उसने एक महीने पहले श्रवण कुमार को शराब लेकर गुजरात भेजा और एक फेरे के 12 हजार रुपए दिए। ऐसे में पैसों के लालच में उसने यह काम करना शुरू कर दिया। दो दिन पहले कैलाश ने फिर शराब को गुजरात पहुंचाने की बात कही। इसके लिए कार लेकर हरियाणा के गुरुग्राम में संजीव का नंबर देकर वहां जाने और फिर वहां से कार में शराब लेकर मोरबी के वांकानेर पहुंचकर विपुल से संपर्क कर उसे शराब देने की बात कही थी। ऐसे में श्रवण ने कार में गुरुग्राम से शराब ली और फिर जयपुर में उसके तीनों दोस्तों को साथ लिया और फिर जयपुर से दिल्ली, मुंबई हाईवे होते हुए गुजरात पहुंचा। वडोदरा एक्सप्रेस हाईवे होते हुए खेड़ा, नडियाद, धोलका, लींबड़ी होते हुए मोरबी के वांकानेर पहुंचा और विपुल का इंतजार कर रहा था। आरोपियों ने कार में गुजरात के पासिंग की फर्जी नंबर प्लेट लगा रखी थी।