30 अक्टूबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Gujarat: नाबालिग को प्रेम जाल में फंसाकर कराया धर्म परिवर्तन, दुष्कर्म का भी आरोप, चार आरोपी गिरफ्तार

कोडिनार से लापता हुईं दो नाबालिग किशोरियां महेसाणा के उनावा की दरगाह से मिलीं, मेडिकल जांच में पीडि़ता से दुष्कर्म की पुष्टि, मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने किया एसआइटी का गठन
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

अहमदाबाद

•

image

nagendra singh rathore

•

Updated: 30 Oct 2026, 10:16 PM IST

gir somnath police

गिर सोमनाथ जिले की कोडिनार पुलिस की गिरफ्त में आरोपी।

Ahmedabad. गिर सोमनाथ जिले की कोडिनार तहसील से एक नाबालिग लड़की के लापता होने की शिकायत पर हरकत में आई पुलिस ने उस किशोरी सहित दो किशोरियों को महेसाणा जिले की ऊंझा तहसील के उनावा में स्थित एक दरगाह से बरामद किया है। इस मामले में प्रेम जाल में फंसाकर किशोरी का धर्म परिवर्तन कराने उसका अपहरण करने, दुष्कर्म करने और पॉक्सो एक्ट समेत गंभीर धाराओं में कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को पकड़ा है। मेडिकल जांच में पीडि़ता से दुष्कर्म की पुष्टि हुई है। पकड़े गए आरोपियों में अब्दुल जोखिया, मो.आसिफ अंसार, साकिरहुसैन उर्फ बबली पठान और निशार काजी शामिल हैं।

पुलिस के अनुसार 24 अक्टूबर को एक महिला ने कोडिनार पुलिस स्टेशन में अपनी नाबालिग बेटी के गुमशुदा होने की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अलग-अलग टीमें बनाकर सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल टावर लोकेशन के आधार पर जांच शुरू की तो सामने आया कि गुमशुदा लड़की के साथ एक अन्य नाबालिग बालिका भी है। दोनों मेहसाणा जिले की उंझा तहसील के उनावा स्थित एक दरगाह में मौजूद हैं। स्थानीय पुलिस की मदद से दोनों बालिकाओं को रेस्क्यू कर कोडिनार लाया गया, जहां उनकी मां के सामने पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए।

दरगाह में बदला गया धर्म, पहनाया गया बुर्का

पुलिस के अनुसार सूरत निवासी साकिर हुसैन उर्फ बबली पठान उनावा की दरगाह में काम करता है। इसने इंस्टाग्राम पर पीडि़ता का संपर्क कर उसे प्रेमजाल में फंसाया। विवाह करने का झांसा देकर उसे ऊंझा बुलाया। ऊंझा पहुंचे पर उसे लेकर उनावा की दरगाह पहुंचा। कोडिनार निवासी अब्दुल संधी ने उनावा दरगाह के मौलवी आसिफ कव्वाली उर्फ मराठी से परिचय कराया।

आरोप है कि आसिफ ने पीडि़ताओं का ब्रेनवॉश कर हिंदू धर्म त्यागकर मुस्लिम धर्म अपनाने के लिए किशोरी को तैयार किया और उसका धर्मांतरण कराया। पीड़िता का नाम बदलकर ‘रोजीताबानू’ रखा। उसे काला बुर्का पहनाया गया, कलमा और नमाज पढ़वाकर उनावा दरगाह में धर्म परिवर्तन की विधि कराई गई। आरोपी निशार काजी ने पुलिस से बचने के लिए पीडि़ता एवं उसके साथ की किशोरी से मोबाइल का सिमकार्ड तुड़वाया। निशार की भूमिका भी जांच अभी जारी है।
इस मामले में 28 अक्टूबर 2026 को कोडिनार पुलिस स्टेशन में बीएनएस, गुजरात धर्म स्वतंत्रता (संशोधन) अधिनियम, पोक्सो एक्ट, एट्रोसिटी एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।


जांच को एसआइटी का गठन


मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक जयदीपसिंह जाडेजा ने विशेष जांच दल (एसआटी) का गठन किया है। इसमें उना के पुलिस उपाधीक्षक एम.एफ. चौधरी, एलसीबी पीआइ एम.के. वणारका, कोडिनार पीआइ एन.वी. हरियाणी, और गिर सोमनाथ थाने के पीएसआइ एन.ए.वाघेला शामिल हैं।