1 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

यह पहले आपका जीतेंगे विश्वास, फिर स्मार्ट तरीके से लूटकर हो जाएंगे रफूचक्कर

शातिर ठग ने फर्जी नियुक्त पत्र भेज जहां ढाई हजार रुपए ऐंठने के बाद पन्द्रह हजार की मांग की।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

अजमेर

•

image

raktim tiwari

•

Updated: 17 May 2018, 10:15 AM IST

theft case in ajmer

theft case in ajmer

अजमेर

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के नाम से बेरोजगार को नौकरी देने के नाम पर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पीडि़त ने नौकरी के नाम पर की जा रही ठगी का खुलासा किया। शातिर ठग ने फर्जी नियुक्त पत्र भेज जहां ढाई हजार रुपए ऐंठने के बाद पन्द्रह हजार की मांग की। रकम की मांग करते ही पीडि़त को ठगे जाने का अहसास हुआ। वह अपने शिकायत लेकर पुलिस चौकी पहुंचा लेकिन उसे यहां भी राहत नहीं मिली।

सीसाखान पीर रोड निवासी अब्दुल अन्नान ने बताया कि वह दिहाली मजदूरी कर परिवार का गुजर बसर करता है। गत दिनों उसे प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना का नियुक्ती पत्र मिला। जिसमें उसे ग्राहक सेवा प्रतिनिधि के पद पर नियुक्ति की सूचना दी गई थी। जिसमें उसे प्रतिमाह 24 हजार 500 रुपए की सैलेरी निर्धारित की गई थी। कम्पनी के संचालक ने उसे एसबीआई में बताए खाते में दो हजार 400 रुपए जमा करवाने को कहा। उसने जब नौकरी के संबंध में जानकारी चाहिए तो उसे अजय नामक युवक ने बैंक खाते में 15 हजार रुपए जमा करवाने की बात कही। ढाई हजार रुपए देने के बाद फिर से रकम की डिमांड से अब्दुल घबरा गया।

शिकायत लेकर पहुंचा चौकी
अब्दुल ने बताया कि पहले चौबीस सौ रुपए गंवाने के बाद फिर से पन्द्रह हजार रुपए की डिमांड पर वह डर गया। उसने पत्नी से बातचीत के बाद पुलिस को शिकायत करने का फैसला किया। दोनों शिकायत लेकर क्लॉक टावर थाने की ऊसरी गेट पुलिस चौकी पर पहुंचे लेकिन चौकी पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उसे रकम नहीं जमा करवाने की हिदायत देकर रवाना कर दिया।फ्रेंचाइजी देती है प्रशिक्षण

उद्योग विभाग के मुताबिक कौशल विकास योजना के तहत सरकार निजी कम्पनियों को फ्रेंचाइजी देकर प्रशिक्षण देने का कार्य कर रही है। फ्रेंचाइजी संचालक ही अपने स्तर पर प्रशिक्षण और रोजगार ? की व्यवस्था करता है। इससे उद्योग व श्रम विभाग से सीधा संबंध नहीं है।