
convocation ceremony
अजमेर. विद्यार्थियों को औद्योगिक मांग (industrial demand) के अनुसार तैयार होना चाहिए। इसके लिए संस्थानों को भी ध्यान देने की जरूरत है। 70 फीसदी नौजवानों का शैक्षिक (academic), तकनीकी (technical) और अन्य पैमाने पर खरे नहीं उतरना चिंताजनक है। यह बात एमएनआईटी (MNIT JAIPUR) के आईटी-कंप्यूटर साइंस विभागाध्यक्ष प्रो. अजयसिंह जेठू ने महिला इंजनियरिंग कॉलेज (mahila engineering college) के दीक्षांत समारोह में कही।
प्रो. जेठू ने कहा कि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में युवाओं (youth) को खुद को बनाए रखना चुनौतिपूर्ण है। पिछले दस-बीस साल में देश में भरपूर स्कूल (school), कॉलेज (college), उच्च, तकनीकी शिक्षण संस्थान (institutes) खुले, लेकिन महज 23 प्रतिशत छात्र-छात्राओं (boys and girls) को ही इनमें पढऩे का अवसर मिल रहा है। 77 प्रतिशत विद्यार्थी ड्रॉप आउट या अन्य कारणों से शिक्षा ग्रहण नहीं कर रहे। संस्थानों (technical institutes) में औद्योगिक मांग के अनुसार विद्यार्थी (students) तैयार नहीं हो रहे। इस नाकामी के पीछे स्वयं विद्यार्थी भी उत्तरदायी हैं। प्रो. गुणवंत शर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय (national)-अन्तर्राष्ट्रीय (international) स्तर पर तेज-तर्रार युवाओं और दक्ष इंजीनियर (trained engineers) की जरूरत है। इसके लिए उन्हें व्यक्तित्व विकास, सशक्त संवाद, विषय ज्ञान और परियोजना आधारित समझबूझ जरूरी है। प्राचार्य डॉ. जे. के. डीगवाल ने स्वागत किया।
विद्यार्थी समझें शिक्षा की महत्ता
राजकीय बॉयज इंजीनियरिंग कॉलेज में आयोजित दीक्षांत समारोह में एमएनआईटी (MNIT Jaipur) के पूर्व निदेशक प्रो. राजपाल दहिया ने कहा कि दीक्षान्त समारोह (convocation) विद्यार्थी जीवन (student life) का सबसे बड़ा उत्सव है। हमें पूरा जीवन खुद को विद्यार्थी समझना चाहिए। शिक्षा ही हमें धरती का सभ्य नागरिक (good citizen) बनाती है। असफलता पर विद्यार्थी को डगमगाना नहीं चाहिए। हर व्यक्ति की क्षमता, समझबूझ, योग्यता अलग-अलग होती है। जीवन में जो भी सीखें उसे सामाजिक उत्तरदायित्व (social responcibility) समझते हुए वापस लौटाना चाहिए। प्राचार्य डॉ. रोहित मिश्रा ने स्वागत किया।
रॉब और कैप में फोटो...
भले ही काले रॉब (black rob) और कैप को ब्रिटिश (british) मानसिकता का परिचायक बताया जाता है। लेकिन दोनों कॉलेज में कई छात्र-छात्राओं ने काला रॉब और कैप (cap) पहनकर फोटो खिंचवाए।हालांकि छात्र सफेद कुर्ते पायजामे और छात्राएं सफेद सलवार सूट (salwar suit) , सफेद साड़ी (white saree) पहनकर आए थे। इससे पहले अतिथि, प्राचार्य और शिक्षक पारम्परिक दीक्षान्त जुलूस (procession) के रूप में सभागार तक पहुंचे। इस दौरान एमबीए, एमसीए, एम.टेक और बी.टेक के छात्र-छात्राओं को उपाधियां (degree) वितरित की गई।
वक्ताओं ने ये जताई चिंता
-विद्यार्थी-संस्थाएं सामाजिक उत्तरदायित्व से हो रहे दूर
-भुला रहे अभिभावकों और गुरुओं का योगदान
-औद्योगिक मांग और आपूर्ति में लगातार बढ़ रहा अन्तर
-बढ़ी खुद को श्रमिक समझने और पैकेज के पीछे भागने की प्रवृत्ति
-नौजवान उद्यमिता अपनाने, जोखिम उठाने और निवेश में पीछे
-कम उम्र में बढ़ रहा युवाओं में मानसिक तनाव
Updated on:
19 Aug 2019 09:23 am
Published on:
21 Aug 2019 08:15 am
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