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बोले भाजपा देहात अध्यक्ष- नहीं बंधना चाहता किसी कुर्सी से, वाइस चांसलर बनूंगा ना आरपीएससी चेयरमेन

किसे और कब इन संस्थाओं का कार्यभार सौंपा जाता है, यह सरकार के क्षेत्राधिकार का मामला है।
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अजमेर

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raktim tiwari

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Updated: 24 Oct 2017, 8:17 AM IST

rural bjp chief not interested in key post

rural bjp chief not interested in key post

रक्तिम तिवारी/अजमेर।

महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय के कुलपति और राजस्थान लोक सेवा आयोग में नियुक्ति की संभावनाओं के बीच देहात भाजपा जिलाध्यक्ष प्रो. बी. पी. सारस्वत ने कहा कि वे किसी पद के लिए दौड़ में नहीं हैं। वे सिर्फ 2018 में विधानसभा और 2019 में लोकसभा चुनाव के लिए संगठन का काम करेंगे।

सारस्वत ने पत्रिका से बातचीत में कहा कि कुलपति पद के लिए आवेदन करने की वजह शिक्षक समुदाय का आग्रह रहा और उन्होंने उनकी भावना के अनुरूप आवेदन किया लेकिन उनकी पहली प्राथमिकता भाजपा और संगठन के लिए काम करना है। उन्होंने यह भी कहा है कि वे अजमेर लोकसभा उपचुनाव में प्रमुख दावेदार नहीं है। वे किसी स्तर पर चुनाव के लिए टिकट मांगने नहीं जाएंगे।

आगामी विधानसभा व लोकसभा चुनाव में भाजपा को फिर से कामयाबी मिले, यही एकमात्र मकसद है। इसलिए ही विश्वविद्यालय में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति का आवेदन भी किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजनीति में जाने के लिए उन्हें सेवानिवृत्ति लेने की जरूरत नहीं है।

कुलपति पैनल में नाम शामिल :
सारस्वत ने कहा कि सर्च पैनल गोपनीय होता है। लेकिन वे विश्वविद्यालय में कुलपति बनने के इच्छुक नहीं हैं। ऐसा होता तो वे 2004 और 2014 में ही कुलपति बन जाते।

आरपीएससी में भी नहीं :
राजस्थान लोक सेवा आयोग में अहम पद की दौड़ में शामिल होने के सवाल पर सारस्वत ने कहा कि वे पहले ही किसी प्रमुख पद का दायित्व संभालने से इन्कार कर चुके हैं। किसे और कब इन संस्थाओं का कार्यभार सौंपा जाता है, यह सरकार के क्षेत्राधिकार का मामला है।

नहीं चाहते किसी संस्थान से बंधना
सारस्वत ने साफ किया कि वे किसी संस्थान में बंधने के बजाय राजनीति में स्वतंत्र होकर कामकाज करना चाहते हैं। भले ही उनका कुलपति या आरपीएससी में किसी पद के लिए हो पर वे इन पदों पर नहीं बैठना चाहते हैं। उन्होंने बीते पांच साल में भाजपा में रहते हुए संगठन को ऊंचाईयों तक पहुंचाया है। ऐसे में सक्रिय राजनीति में रहना ज्यादा पसंद करेंगे।