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जल्दी चालान के लिए दीवान ने मांगे 5 हजार रुपए ‘खर्चा पानी

एसीबी ने दर्ज किया मुकदमा, अनुसंधान शुरू
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अजमेर

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Manish Singh

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Updated: 7 Jan 2020, 12:50 PM IST

जल्दी चालान के लिए दीवान ने मांगे 5 हजार रुपए 'खर्चा पानी

जल्दी चालान के लिए दीवान ने मांगे 5 हजार रुपए 'खर्चा पानी

अजमेर.

सड़क दुर्घटना के मामले में जल्दी चालान पेश करने के लिए क्रिश्चियन गंज थाने में तैनात एक हैडकांस्टेबल ने परिवादी के दामाद से पांच हजार रुपए बतौर खर्चा पानी मांगे। हालांकि शिकायत सत्यापन के बाद आरोपी एसीबी की ट्रेप कार्रवाई से बच निकला लेकिन सत्यापन की कार्रवाई में उसे जल्दी चालान पेश करने की एवज में पांच हजार रुपए बतौर खर्चा पानी मांगते पाया गया। एसीबी ने धारा 7 भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 के तहत रिश्वत मांगने का मामला दर्जकर अनुसंधान शुरू कर दिया।

एसीबी की एफआईआर के अनुसार कोटड़ा प्रगतिनगर निवासी दीपक जैन ने 7 जून को एसीबी स्पेशल चौकी में शिकायत दी कि 30 मई को कलपतरु गार्डन चौराहे पर उसके ससुर कोटा निवासी दीनदयाल गुप्ता की कार को वैन चालक ने टक्कर मार दी। दुर्घटना में गुप्ता के चोट आई। जैन ने मामले में क्रिश्चियन गंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया। जांच हैडकांस्टेबल रामनिवास विश्नोई को दी गई। विश्नोई ने गुप्ता के बयान दर्ज करने के बाद घटनास्थल का मौका मुआयना किया। जैन ने बताया कि 5 जून को वह क्रिश्चियन गंज थाने में विश्नोई से मिलने गया तो उसको पुष्कर रोड स्थित कांचा रेस्टोरेंट के सामने मिलने के लिए कहा। रेस्टोरेंट के सामने पहुंचने के बाद विश्नोई ने जल्दी चालान पेश करने के बदले बतौर खर्चा पानी 5 हजार रुपए की डिमांड की।

ऐंठ लिए हजार रुपए

जैन ने बताया कि विश्नोई ने 7 जून को उससे ससुर दीनदयाल गुप्ता का मेडिकल व दस्तावेज तैयार करने के लिए बुलाया। जवाहरलाल नेहरू अस्पताल में मेडिकल करवाने व कार की डैमेज का एस्टीमेट ले लिया। इसके बाद उसने बतौर खर्चा पानी पांच हजार रुपए मांगे। जैन ने मेडिकल करवाने के बाद विश्नोई को 1 हजार रुपए दे दिए।

वॉइस रिकॉडर में आवाज कैद

जैन की शिकायत पर एसीबी स्पेशल टीम ने वाइस रिकॉर्डर के जरिए रिश्वत मांगने की सत्यापन की कार्रवाई की। एसीबी की वॉइस रिकॉर्डिंग में विश्नोई के पांच हजार रुपए खर्चा पानी की डिमांड करने की बात सामने आई। रिकॉर्डिंग में उजागर हुआ कि 1 हजार रुपए लेने व शेष चार हजार रुपए बाद में देने की बात कही।

तीन कोशिश के बाद बच निकला

एसीबी टीम ने 7 जून को हैडकांस्टेबल विश्नोई को ट्रेप की कार्रवाई का जाल बिछाया लेकिन परिवादी के रिश्तेदार की मृत्यु के कारण उसे अचानक जाना पड़ा। दूसरे दिन 8 जून को फिर स्वतंत्र गवाह के साथ एसीबी स्पेशल टीम ट्रेप की कार्रवाई करने पहुंची लेकिन विश्नोई नहीं मिला। उसने परिवादी जैन को 16 जून को मिलने की बात कही। एसीबी ने फिर 16 जून को ट्रेप का जाल बिछाया लेकिन जैन रिश्वत की रकम लेकर पहुंचा तो वह थाने में नहीं मिला। जब उससे मोबाइल पर बात की गई तो उसने बताया कि उसके रिश्तेदार की मौत होने पर वह नागौर गांव में आया हुआ है। इसके बाद 4 नवम्बर को परिवादी जैन ने सूचना दी कि हैडकांस्टेबल विश्नोई ने 4 अक्टूबर प्रकरण में चालान पेश कर दिया। आरोपी की ओर से 2 अगस्त को ही चार्जशीट पेश की जा चुकी थी। जैन ने उससे मोबाइल पर बात करना चाहा लेकिन उसने कॉल रिसीव नहीं किया। संभवत: उसको एसीबी की कार्रवाई की भनक लग गई।