30 अक्टूबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

बसों को लगी ‘ठंड, यात्री भार गिरा

राजस्थान रोडवेज : कोहरे व शीतलहर का असर विरोध प्रदर्शन के कारण भी राजस्व प्रभावित
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

अजमेर

•

image

bhupendra singh

•

Updated: 1 Jan 2020, 8:31 PM IST

बसों को लगी 'ठंड, यात्री भार गिरा

डूंगरपुर- नव वर्ष का वेलकम करते बच्चें।,डूंगरपुर- नव वर्ष का वेलकम करते बच्चें।,डूंगरपुर- नव वर्ष का वेलकम करते बच्चें।,डूंगरपुर- नव वर्ष का वेलकम करते बच्चें।,rsrtc,rsrtc,rsrtc

अजमेर. उत्तर भारत में पड़ रही कड़ाके की ठंड से राजस्थान पथ परिवहन निगम rsrtc पर भी विपरीत असर पड़ रहा है। ठंड के कारण रात्रि सेवा में रोडवेज को passenger यात्रीभार नहीं मिल रहा है। दिल्ली व यूपी में पड़ रहा घना कोहरा व शीतलहर भी रोजवेज पर भारी पड़ रही है। इसके अलावा एनआरसी व सीसीए को लेकर विभिन्न राज्यों में हो रहे विरोध प्रदर्शन के कारण भी रोडवेज को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। इससे राजस्व की हानि हो रही है। जयपुर में 22 दिसम्बर को हुए विरोध के कारण भी बसों bus को परिवर्तित मार्ग से चलाना पड़ा। रोडवेज के राजस्व में करीब 8 प्रतिशत की गिरावट आई है। दिल्ली रूट पर अजमेर से दिल्ली के बीच तो सवारियां मिल रही हैं लेकिन वापसी में दिल्ली से बसें खाली आ रही हैे। सुबह के समय तो बसों में 10 सवारियां भी बैठना परिचालकों के लिए मुश्किल हो रहा है।
परिवर्तित मार्ग से चलानी पड़ रही हैं बसें

अजमेर से जाने वाली अजमेर आगार की भिवानी,कानपुर, वंृदावन, फिरोजाबाद, बरेली व अलीगढ़ रूट की बसों को विरोध प्रदर्शन के कारण परिवर्तित मार्ग से चलाना पड़ रहा र्है। इससे बसें अतिरिक्त किलोमीटर चलना पड़ रहा है। आवागमन में समय भी अधिक लग रहा है।

अजयमेरु पर भी असर

अजमेर आगार के साथ ही अजयमेरू आगार की बसें भी यात्रियों की कमी से जूझ रही हैं। कोटा रूट पर सुबह व शाम के समय चलने वाली बसें खाली चल रही हैं। एमपी रूट पर भी असर पड़ रहा है। हरिद्वार रूट पर भी रोडवेज को यात्री ढूंढने पड़ रहे हैं। अजमेर सहित अन्य ग्रामीण रूट पर चलने वाली बसों में भी सुबह शाम ट्रैफिक नहीं है।

सत्संगियों ने भरी झोली

जयपुर में आयोजिज राधा स्वामी सत्संग के लिए नव वर्ष पर रोडवेज ने सत्संगियों की मांग पर 14 बसें भेजी। इससे रोडवेज को करीब सवा लाख रुपए की आय हुई।

read more: