
education News:पैरामिलिट्री एवं पुलिस के लिए प्रशिक्षण
अजमेर. शिक्षा विभाग में अजमेर संभाग के मंत्रालयिक कर्मचारियों की समयबद्ध डीपीसी नहीं करने के मामले की शिकायत शिक्षा निदेशक को की गई है। बिना सक्षम स्वीकृति और जरूरत दफ्तरों और स्कूलों में मनमुताबिक डेपुटेशन करने के मामले में विवादित शिक्षा विभाग के अजमेर संभागीय संयुक्त निदेशक कार्यालय के खिलाफ कर्मचारी महासंघ भी मुखर हो गया है।
राजस्थान राज्य मंत्रालयिक कर्मचारी महासंघ की नागौर जिला शाखा के अध्यक्ष सूरज प्रकाश जोशी व महामंत्री डूंगरसिंह भाटी ने अजमेर संभागीय संयुक्त निदेशक के कामकाज की शिक्षा निदेशक डिडेल से लिखित में शिकायत की है। शिकायत में बताया गया है कि संयुक्त निदेशक अजमेर की ओर से मंत्रालयिक कर्मचारियों को नियमित पदोन्नति से वंचित रखा जा रहा है। मंत्रालयिक कर्मचारी संवर्ग में कनिष्ठ सहायक से वरिष्ठ सहायक तथा वरि.सहायक से सहायक प्रशासानिक अधिकारी के पदों की डीपीसी संभागीय स्तर पर की जाती है, जबकि इससे उच्चतर पदों की डीपीसी शिक्षा निदेशालय करता है। लेकिन अजमेर स्थित संयुक्त शिक्षा निदेशक कार्यालय की ओर से दोनों पद संवर्ग में कर्मचारियों की समय पर डीपीसी नहीं की जा रही। महासंघ का आरोप है कि संयुक्त शिक्षा निदेशक ने पूर्व में हुई डीपीसी के बाद पदोन्नत कर्मचारियों को पदोन्नति पर पदस्थापन भी नहीं दिया है। जिससे नीचे के पद रिक्त नहीं होने के कारण अगले वर्ष की डीपीसी के लिए पदों की गणना करने में भी परेशानी हो रही है। वहीं संयुक्त शिक्षा निदेशक दफ्तर में भी पदस्थापन देने के मामले में खींच-तान का माहौल है। संभागीय स्तर पर सहायक प्रशासनिक अधिकारी के पद तक की ही पदोन्नति होती है, जबकि इससे उच्च पदों के लिए निदेशालय स्तर पर पदोन्नति की जाती है। अजमेर संभाग में जिन कर्मचारियों की सहायक प्रशासनिक अधिकारी के पद पर विलंब से पदोन्नति होगी उन्हें उतनी ही अवधि के अनुपात में उच्च पदों पर विलंब से पदोन्नति मिलेगी।
इनका कहना है
पहले वाले संयुक्त निदेशक की ओर से फाइल मंत्रीजी को भेजी गई है। वर्तमान में आचार संहिता लगी हुई है। फाइल पर मार्गदर्शन मांगकर मामले को दिखवाया जाएगा।
पदमा सक्सेना, संयुक्त निदेशक शिक्षा विभाग माध्यमिक अजमेर
Published on:
31 Oct 2019, 1:10 PM IST
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