Exams: सीबीएसई की सप्लीमेंट्री परीक्षा जुलाई या अगस्त में

ऐसे विद्यार्थियों की परीक्षाएं जुलाई अथवा अगस्त में होंगी।

By: raktim tiwari

Published: 22 Mar 2020, 08:00 AM IST

अजमेर. सीबीएसई की बारहवीं और दसवीं की सप्लीमेंट्री परीक्षा जुलाई अथवा अगस्त में होगी। वार्षिक परीक्षाएं खत्म होने और मई या जून में परिणाम जारी होंगे। इसके बाद विद्यार्थियों से ऑनलाइन आवेदन भरवाए जाएंगे।

कोरोना वायरस संक्रमण के चलते सीबीएसई ने 31 मार्च तक दसवीं और बारहवीं की परीक्षाएं स्थगित की हैं। बोर्ड यह परीक्षाएं अप्रेल में कराएगा। अजमेर, नई दिल्ली, इलाहाबाद, देहरादून, तिरुवनंतपुरम, पटना, भुवनेश्वर, चेन्नई, गुवाहाटी और पंचकुला रीजन में करीब 32 लाख विद्यार्थी मुख्य परीक्षाएं दे रहे हैं।

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इनके परिणाम मई या जून में जारी होंगे। प्रतिवर्ष मुख्य परीक्षा में कम नंबर आने पर विद्यार्थियों को सप्लीमेंट्री परीक्षा में शामिल किया जाता है। ऐसे विद्यार्थियों की परीक्षाएं जुलाई अथवा अगस्त में होंगी। मालूम हो कि बारहवीं के सभी विषयों की सप्लीमेंट्री परीक्षा एक ही दिन में होती हैं। दसवीं की विषयवार श्रेणी सुधार परीक्षा एक सप्ताह तक चलती हैं।

प्रोफेसर के आवेदन पर है तकनीकी शिक्षा विभाग की नजर

अजमेर. राज्य के 11 इंजीनियरिंग कॉलेज में प्राचार्य पद के आवेदन प्रक्रिया समाप्त हो गई है। आवेदन में कितने प्रोफेसर ने फॉर्म भरे हैं, इस पर सरकार और तकनीकी शिक्षा विभाग की नजरें टिकी है। फार्म की छंटनी के बाद तकनीकी शिक्षा विभाग साक्षात्कार कार्यक्रम तय करेगा।

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तकनीकी शिक्षा विभाग ने अजमेर के दो इंजीनियरिंग कॉलेज सहित बीकानेर , झालावाड़, भरतपुर, बांसवाड़ा, भीलवाड़ा, धौलपुर, बाडमेर, करौली और बारां इंजीनियरिंग कॉलेज में प्राचार्य पद के लिए आवेदन मांगे थे। यह प्रक्रिया पूरी हो गई है। प्रोफेसर के फॉर्म पर नजरें...सरकार और तकनीकी शिक्षा विभाग की नजर प्रोफेसर के आवेदन पर हैं। कितने प्रोफेसर ने प्राचार्य पद के लिए फार्म भरे हैं, इसकी स्क्रूटनी शुरू की गई है। मालूम हो कि प्रोफेसर पद के वेतनमान और पे-ग्रेड इंजीनियरिंग कॉलेज के प्राचार्य पद से कहीं ज्यादा हैं। 2008-09 के बाद से प्रोफेसर ने इंजीनियरिंग कॉलेज प्राचार्य बनने में रुचि नहीं दिखाई है।

यूं फेल हो चुकी पूर्व की कोशिश
विभाग ने 3 फरवरी 2018 को भी 11 इंजीनियरिंग कॉलेज में प्राचार्यों के लिए आवेदन मांगे थे। अव्वल तो फार्म की स्क्रूटनी रीडर स्तर के शिक्षकों से कराई गई। दूसरी तरफ प्रोफेसर्स ने आवेदन ही कम किए। कुछ आवेदक हाईकोर्ट चले गए थे। कानूनी पेंच के चलते मामला आगे नहीं बढ़ पाया।

यह है प्राचार्य पद की योग्यता
-केंद्र अथवा राज्य स्तरीय संस्थान में दस साल बतौर प्रोफेसर सेवाएं देना जरूरी
-राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय रिसर्च पेपर प्रकाशन
-विभाग अथवा संस्थान में कार्य करने की प्रशासनिक योग्यता
-एआईसीटीई के नियमानुसार पीएचडी

raktim tiwari Reporting
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