अजमेर. ख्वाजा साहब की दरगाह में रविवार को बड़े कुल की रस्म अदा की गई। इसमें जायरीन शामिल हुए। उन्होंने शनिवार रात से ही दरगाह में विभिन्न स्थानों पर गुलाबजल और केवड़े के छींटे देने शुरू कर दिए।
रविवार को सुबह 8 बजे खुद्दामें ख्वाजा मजार शरीफ पर गुलाबजल और केवड़े से गुस्ल दिया। इत्र, चंदन आदि पेश किए गए। इसी दौरान आस्ताना शरीफ के बाहर जायरीन दरगाह के विभिन्न स्थानों की गुलाबजल से धुलाई की। खुद्दामें ख्वाजा गुस्ल का पानी व संदल जायरीन को प्रसाद के रुप में दिया। इसे तबर्रुक समझकर जायरीन अपने साथ ले गए।
केवड़े-गुलाब जल की महक
दरगाह परिसर केवड़े और गुलाब जल से महकता रहा। जायरीन दरगाह की धुलाई कर खुद को भाग्यशाली समझ रहे थे। कई जायरीन तो बिल्कुल भीग गए। उन्होंने ख्वाजा साहब की दरगाह की धुलाई कर दुआ मांगी। मालूम हो छोटे कुल की रस्म 14 मार्च को हुई थी। इसमें जायरीन कुल के छींटे देते हैं। बड़े कुल की रस्म में पूरे दरगाह परिसर की धुलाई की जाती है।
उर्स का हुआ समापन
बड़े कुल की रस्म के साथ 807 वें उर्स का विधिवत समापन हो गया है। इसके साथ जायरीन की रवानगी भी शुरू हो गई है। कायड़ विश्राम स्थली से अधिकांश बसों की रवानगी हो चुकी है। अब सालाना उर्स 2020 में आएगा। इसमें फिर से जायरीन अजमेर आएंगे।