29 अक्टूबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

अजमेर
video : आनंदपाल के साथी हार्डकोर अपराधी श्रीवल्लभ की हार्टअटैक से मौत
Play video

video : आनंदपाल के साथी हार्डकोर अपराधी श्रीवल्लभ की हार्टअटैक से मौत

देर रात हाई सिक्योरिटी जेल से जेएलएन अस्पताल लेकर आए चिकित्सकों ने किया मृत घोषित, लम्बे समय से था बीमार परिजन ने आने से किया इन्कार
Follow Patrika on Google News
Google source verification

अजमेर

•

image

SMT PREETI BHATT

•

Updated: 10 Jan 2019, 2:23 PM IST

अजमेर. गैंगस्टर आनंदपालसिंह का साथी हार्डकोर अपराधी श्रीवल्लभ की बुधवार देर रात हार्टअटेक से मृत्यु हो गई। हाई सिक्योरिटी जेल से उसे कड़ी सुरक्षा में देर रात जवाहरलाल नेहरू अस्पताल लाया गया। यहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। सिविल लाइन्स थाना पुलिस ने मृत कार्रवाई की है। मामले की न्यायिक जांच व मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाया जाएगा।


पुलिस उप अधीक्षक (उत्तर) जिनेन्द्र कुमार जैन ने बताया कि हाई सिक्योरिटी में आजीवन कारावास की सजा काट रहे नागौर डीडवाना गुदड़ी बाजार निवासी हार्डकोर अपराधी श्रीवल्लभ पुत्र रामनिवास की बुधवार देर रात तबीयत बिगडऩे पर जवाहरलाल नेहरू अस्पताल पहुंचाया गया। चिकित्सकों ने जांच के बाद श्रीवल्लभ को मृत घोषित कर दिया। प्रारम्भिक जांच में श्रीवल्लभ की मृत्यु का कारण हार्टअटैक माना जा रहा है। वह लम्बे समय से बीमार था। शव को जवाहरलाल नेहरू अस्पताल की मोर्चरी में रखा गया है।

 

सिविल लाइन्स थाना पुलिस ने जेल प्रशासन की रिपोर्ट पर आईपीसी की धारा 176 में प्रकरण दर्ज कर लिया। न्यायिक अभिरक्षा में कैदी की मृत्यु के मामले की न्यायिक जांच की जाएगी। आनन्दपाल के साथ हुआ था फरार श्रीवल्लभ डीडवाना के जीवन गोदारा हत्याकांड में हाई सिक्योरिटी जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहा था। वह सितम्बर 2015 में गैंगस्टर आनन्दपालसिंह के साथ नागौर से तारीश पेशी से लौटने के दौरान श्रीवल्लभ और सुभाष मूण्ड पुलिस के चालानी गार्ड को फायरिंग कर फरार हो गया था। उस पर नागौर समेत सीकर में जानलेवा हमले के मामले दर्ज थे।

 

फरारी में हुआ था बीमार

गैंगस्टर आनन्दपाल सिंह के साथ फरार हुआ श्रीवल्लभ को नागौर पुलिस ने एक साल बाद गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के वक्त ही श्रीवल्लभ काफी बीमार था। इसके बाद उसका साथी सुभाष मूंड को एटीएस ने गिरफ्तार किया। वहीं गैंगस्टर आनन्दपाल सिंह को 24 जून 2017 को चूरू में एन्काउटर में मौत हो गई। जेल मे मिला था मोबाइल हार्डकोर अपराधी श्रीवल्लभ से कुछ दिन पहले हाई सिक्योरिटी जेल में बैरक की तलाशी में जेल प्रशासन ने मोबाइल फोन बरामद किया था। मामले में एक जनवरी को श्रीवल्लभ और उसके साथी दीपक गुर्जर को पुलिस ने गिरफ्तार कर अदालत में भी पेश किया था।

 

मोर्चरी छावनी में हुई तब्दील

हार्डकोर अपराधी श्रीवल्लभ की मौत के बाद जेएलएन अस्पातल की मोर्चरी को जिला पुलिस ने छावनी में तब्दील कर दिया। यहां सशस्त्र पुलिस के जवान तैनात किए गए। जबकि सिविल लाइन्स और कोतवाली थाना पुलिस का जाब्ता भी तैनात किया रहा। परिजन ने आने से किया इनकार जेल प्रशासन की ओर से श्रीवल्लभ के परिवार को घटना की सूचना दी गई। परिजन ने अजमेर आने से इन्कार कर दिया। उनका तर्क था कि श्रीवल्लभ के अपराध की दुनियां में उतरते ही नाता तोडऩे की बात कही। हालांकि पुलिस के प्रयास के बाद श्रीवल्लभ का भांजा जयपुर निवासी देवेश अजमेर पहुंचा। देवेश ने श्रीवल्लभ के भतीजे को अजमेर अस्पताल की मोर्चरी बुलाया है। भतीजे के आने के बाद ही पोस्टमार्टम की कार्रवाई होगी।