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High Security Jail-हार्डकोर बंदी ने मांगी फिरौती

यह कैसी हाई सिक्योरिटी- पुलिस अधीक्षक कुंवर राष्ट्रदीप की सूचना पर हाई सिक्योरिटी जेल में कार्रवाई, एडीएम व एएसपी पहुंंचे जेल, बंदी की बैरक में मिला टूटा फूटा मोबाइल। इधर, शनिवार को अजमेर सेन्ट्रल जेल में बंदियों के बैरक की तलाशी में छह मोबाइल और एक सिमकार्ड मिला है।
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अजमेर

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Manish Singh

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Updated: 11 Aug 2019, 6:00 AM IST

Hardcore prisoner demanded ransom from high security prison

high security jail

मनीष कुमार सिंह

अजमेर. घूघरा स्थित हाई सिक्योरिटी जेल से हार्डकोर अपराधी की ओर से धमकी देकर फिरौती मांगने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मामले में पुलिस अधीक्षक कुंवर राष्ट्रदीप की सूचना पर पुलिस व प्रशासन ने जेल में बैरक की तलाशी ली। हालांकि टीम के बैरक तक पहुंचने से पहले ही बंदी ने मोबाइल तोड़कर टॉयलेट में डाल दिया। पुलिस को बैरक के टॉयलेट से टूटा फूटा मोबाइल मिला है। इधर, शनिवार को अजमेर सेन्ट्रल जेल में बंदियों के बैरक की तलाशी में छह मोबाइल और एक सिमकार्ड मिला है।
पुलिस अधीक्षक कुंवर राष्ट्रदीप को घूघरा स्थित हाई सिक्योरिटी जेल से हार्डकोर बंदी की ओर से एक व्यवसायी को मोबाइल फोन से धमकाने और फिरौती मांगने की सूचना मिली। एसपी ने मामले में जिला कलक्टर विश्वमोहन शर्मा को अवगत कराया। कलक्टर शर्मा के आदेश पर अतिरिक्त जिला कलक्टर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक(शहर) सरितासिंह शुक्रवार को पुलिस दल बल के साथ घूघरा हाईसिक्योरिटी जेल पहुंचे। पुलिस प्रशासन की टीम ने जेल में मामले में आरोपी हार्डकोर बंदी की बैरक की तलाशी ली। हालांकि बैरक में कुछ नहीं मिला लेकिन बैरक के शौचालय में टूटा-फूटा मोबाइल मिला। जिसको कुछ समय पहले ही तोड़कर डाला गया था। पुलिस ने मोबाइल के पुर्जे जब्त कर लिया। मामले में सिविल लाइन्स थाना पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया है।
तोड़कर शौचालय में डाला मोबाइल
पुलिस प्रशासन हाई सिक्योरिटी जेल में पहुंचते ही हड़कम्प मच गया। हालांकि पुलिस प्रशासन को जेल के भीतर दाखिल होने में काफी समय लग गया। यहां डद्मूटी पर तैनात जेलर ने प्रवेश द्वार पर खानापूर्ति में समय लगा दिया। पुलिस और प्रशासनिक टीम बैरक तक पहुंचती उससे पहले हार्डकोर बंदी ने मोबाइल फोन को तोड़कर शौचालय में बहा दिया। हालांकि उसकी यह कोशिश पकड़ी गई।
सेन्ट्रल जेल में मिले 6 मोबाइल व सिमकार्ड
इधर, अजमेर सेन्ट्रल जेल में भी बंदियों की बैरक तक मोबाइल पहुंचने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। प्रशासन ने शनिवार को छापा मार कार्रवाई की। हालांकि प्रशासनिक कार्रवाई की जेल के भीतर भनक तक नहीं लगी। शनिवार दोपहर कार्रवाई से अजमेर सेन्ट्रल जेल में हड़कम्प मच गया। बंदियों के बैरक व जेल परिसर की तलाशी में छह मोबाइल फोन व एक सिमकार्ड बरामद किया। इस पर जेल प्रशासन की ओर से दी गई शिकायत पर सिविल लाइन्स थाने में राजस्थान जेल अधीनियम में मुकदमा दर्ज किया गया है।
एसीबी ने किया था उजागर
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो अजमेर के एसपी राजीव पचार ने 18 जुलाई को अजमेर सेन्ट्रल जेल में कार्रवाई करते हुए बंदियों से सुविधा शुल्क वसूली के रैकेट का भंडाफोड़ किया था। एसीबी ने प्रकरण में जेल प्रहरी अरुण चौहान, प्रधान बाना, केसाराम, संजयसिंह, सजायाफ्ता कैदी सनी तेजी, रमेश जाट, शैतान सिंह जाट और बाहरी सहयोगी सागर तेजी, प्रवेश उर्फ गोलू को गिरफ्तार किया। एसीबी ने आरोपियों से पूछताछ और सबूत जुटाने के बाद 3 अगस्त को जेल भेज दिया था। प्रकरण में अनुसंधान एसीबी अजमेर स्पेशल चौकी कर रही है।
इनका कहना है
हाई सिक्योरिटी जेल में शुक्रवार को तलाशी के दौरान एक टूटा फूटा मोबाइल मिला था। जिसका मुकदमा दर्ज किया गया है। शनिवार को अजमेर सेन्ट्रल जेल में तलाशी ली गई। जिसमें छह मोबाइल फोन मिले है। जेल प्रशासन की शिकायत पर प्रकरण दर्ज किया है।
नरेन्द्र कुमार मीणा, थानाप्रभारी सिविल लाइन्स