
वह तो गांव में बाढ़ की खबर सुनकर दिल्ली से घर के लिए रवाना हुआ था,लेकिन बीच रास्ते आ गई मौत
अजमेर/धौलपुर). उसने अपने गांव में बाढ़ आने की खबर सुनी तो वह दिल्ली में मजदूरी करता था....अपने परिवार के लालन-पालन का एकमात्र ही जरिया था। कई दिनों के बाद अपने परिवार से मिलने धौलपुर जिले के राजखेड़ा आया विजय सिंह बाढ़ में लापता हो गया। गांव के लोग दबे स्वर में उसके पानी में डूब जाने की बात भी कह रहे थे।
स्थानीय प्रशासन भी इस बात की पुष्टि नहीं कर पा रहा था। चार दिन बाद बाढ़ का पानी उतरने पर शनिवार को गढ़ी जाफर और हेतसिंंह का पुरा के बीच झाडिय़ों में विजय सिंह का शव फंसा मिला। राजाखेड़ा पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर शहीद राघवेंद्र सिंह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लाकर पोस्टमार्टम के बाद परिजन के सुपर्द कर दिया।
चम्बल के तेज बहाव में बह गया
हुआ यूं कि धौलपुर जिले में बाढ़ की खबर सुनकर दिल्ली से अपने गांव हेतसिंह का पुरा आया विजय सिंह राजखेड़ा आ पहुंचा। वह स्थानीय गांव आंधियारी की रपट पहुंचा तो यहां से वह एसडीआरएफ की बोट से गांव तेज सिंह का पुरा उतर गया। इसके बाद उसका कोई भी पता नहीं चला। ग्रामीणो ने बताया कि उसका पैर फिसलने से वह चम्बल के तेज बहाव में बह गया है। तब से उसका कोई पता नहीं चल सका है।
ग्रामीणों ने बताया कि घटना की सूचना पुलिस और प्रशासन को भी दी गई, लेकिन इस दिशा में कोई भी विशेष ध्यान नहीं दिया गया। इस बीच शनिवार को जब बाढ़ का पानी कम होने के बाद गढ़ी जाफर और हेतसिंंह कापुरा के बीच झाडिय़ों में विजय सिंह का शव फंसा मिला। ऐसे में शव का मिलना व्यवस्थाओं पर कई सवाल खड़े कर रहा है।
घर में अकेला कमाने वाला
ग्रामीणों ने बताया कि चंबल में लापता विजय सिंह अपने परिवार का एकमात्र कमाने वाला था। विजय केतीन मासूम बच्चे हैं, जिनकी उम्र 6 वर्ष से भी कम है। उसकी पत्नी भी गर्भवती है जो निरक्षर है। पिता भूपसिंह भी अत्यधिक बुजुर्ग हैं। उनका मानसिक संतुलन भी ठीक नही है। विजय सिंह के पानी में डूबने की खबर सुनकर पूरा परिवार विलाप करता रहा।
एक भाई की पहले सडक़ हादसे में हो चुकी मौत
ग्रामीणों के अनुसार विजयसिंह का एक और भाई था जो कुछ समय पूर्व दुर्घटना में चल बसा। तभी से उसके पिता भूपसिंह भी सदमे में आ गए। विजय सिंह के चंबल के पानी में डूबने की सूचना के बाद भी परिजन उसके जिंदा होने की आस लगाए बैठे थे। पूरे गांव में विजय सिंह के चंबल नदी में डूब जाने को लेकर चर्चाएं आम थी। इतना ही नहीं इस बात की जानकारी स्थानीय प्रशासन व पुलिस को नहीं थी, लेकिन सब कुछ जानकारी होने के बाद भी चार दिन तक विजय सिंह की तलाश को लेकर कोई भी प्रयास स्थानीय स्तर पर नहीं किए गए। नतीजा यह रहा पानी उतरने के बाद शव झाडिय़ों में फंसा मिला।
Published on:
07 Aug 2021 11:45 pm
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