
दरगाह में गंदा पानी पीने को मजबूर जायरीन
अजमेर. ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह (Ajmer Dargah) में जायरीन को पीने के लिए मटमैला पानी नसीब हो रहा है। दरगाह में विभिन्न स्थानों पर लगे नलों में आ रहे गंदले पानी से जायरीन की सेहत खराब हो सकती है लेकिन कोई ध्यान नहीं दे रहा। यहां तक कि दरगाह में हाल ही लगाए वाटर कूलर में भी पानी साफ नहीं है। इस कारण कई जायरीन को दुकानों से बोतलबंद खरीद कर पीना पड़ रहा है। ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह (Ajmer Dargah) में हालांकि इन दिनों कुछ जगह वाटर कूलर लगाए गए हैं। यहां एक बोरवेल भी है लेकिन कई जगह इस बोरवेल का पानी नहीं पहुंच पाता। इस कारण अहाता-ए-नूर, संदली मस्जिद, झालरा क्षेत्र आदि स्थानों पर नलों में मटमैला पानी आ रहा है। रविवार को कुछ जायरीन ने इन नलों से पानी भर कर दिखाया तो इसका खुलासा हुआ। यहां तक एक वाटर कूलर का ढक्कन उठा कर देखा गया तो उसमें भी पानी साफ नहीं था। बताया जा रहा है कि अकबरी मस्जिद में लगे बोरवेल का पानी केवल देग तक ही पहुंच पा रहा है। इसके आगे जहां भी नल लगी है वहां जायरीन को गंदेला पानी ही पीने को मिल रहा है। इस पानी से न केवल वे वजू कर रहे हैं बल्कि पीने को भी मजबूर है। अहाता-ए-नूर में हालांकि खादिमों की तरफ से गिलास में पानी उपलब्ध कराया जा रहा है लेकिन यह लाखों जायरीन में नाकाफी है। इसके चलते पानी की बोतलें बेचने वालों की मौज हो रही है।
'मिलना चाहिए साफ पानीÓ
जियारत के लिए जायरीन जुनैद ने कहा कि नलों में गंदा पानी आ रहा है, इस कारण उसने बाहर से पानी की बोतल खरीदी है। खादिम सैयद पीर नफीस मियां चिश्ती ने कहा कि इस तरह का पानी पीने से लोग बीमार पड़ सकते हैं। कुतुबुद्दद्दन चिश्ती ने कहा कि खराब पानी की शिकायत के कारण खादिम अपने स्तर पर पानी पिलाने का बंदोबस्त कर रहे हैं लेकिन दरगाह (Ajmer Dargah) में लाखों लोग आते हैं, उन्हें सभी जगह शुद्ध पानी मिलना चाहिए। दरगाह कमेटी को इस तरफ ध्यान देना चाहिए। इस संबंध में दरगाह नाजिम से बात करने की कोशिश की गई लेकिन उनसे सम्पर्क नहीं हो पाया।
Updated on:
15 Jul 2019, 3:09 AM IST
Published on:
15 Jul 2019, 2:56 AM IST
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