
जानें क्यों इस कदर निगम कर्मियों पर भड़के शहरवासी, किसी ने दी दे डाली धमकी तो किसी ने किया कार से कुचलने का प्रयास
अजमेर. शहर के विभिन्न इलाकों में चल रहे अवैध निर्माण व अतिक्रमण पर प्रभावी कार्रवाई करते हुए नगर निगम ने कई कॉम्पलेक्स सीज कर दिए। निगम प्रशासन को कई जगह विरोध का भी सामना करना पड़ा लेकिन निगम ने पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई पूरी की गई। एक अतिक्रमी ने निगम के दल पर तेज रफ्तार में कार चला कर कुचलने का प्रयास किया था तथा देख लेने की धमकी भी दी।
आवासीय नक्शा व्यावसायिक निर्माण
बिहारीगंज नसीराबाद रोड पर अतुल माहेश्वरी ने ग्राउंड फ्लोर एंव फस्र्ट फ्लोर का आवासीय मानचित्र स्वीकृत कराया गया था। लेकिन मौके पर बेसमेंट ग्राउंड फ्लोर और फस्र्ट फ्लोर पर व्यावसायिक निर्माण करवा लिया एवं ब्रांडेड क्रोकरी व बर्तनों का शोरूम संचालित किया जा रहा था। आयुक्त हिमांशु गुप्ता ने सीज करने के निर्देश प्रदान किए। इस पर नगर निगम टीम द्वारा मौके पर उक्त अवैध निर्माण को सीज किया गया।
कार से कुचलने की कोशिश
मौके पर अतुल माहेश्वरी ने अपनी कार को तेज रफ्तार से लाकर निगम अधिकारियों को टक्कर मारने की कोशिश की निगम कर्मियों ने भाग कर अपनी जान बचाई। निगम अधिकारी जब कार्रवाई पूरी कर अपनी गाड़ी में बैठ रहे थे तभी यह घटना हुई। माहेश्वरी ने निगम अधिकारियों से अपशब्द कहे तथा बहसबाजी करते हुए देख लेने की धमकी दी। निगम आयुक्त हिमांशु गुप्ता के निर्देशानुसार अवैध निर्माण करता अतुल महेश्वरा के खिलाफ राजकार्य में बाधा पैदा करने एवं निगम अधिकारियों को धमकी देने पर मुकदमा दर्ज करवाते हुए पुलिस कार्रवाई की जाएगी।
आवसीय नक्शा, दुकानें खोली
कायस्थ मोहल्ला पुरानी मंडी में ज्ञानचंद सुराणा पुत्र प्रेमचंद सुराणा द्वारा जी प्लस टू की आवासीय स्वीकृति प्राप्त की गई। लेकिन मौके पर बेसमेंट बना लिया गया एवं ग्राउंड फ्लोर पर दुकानें निर्मित कर ली गई। फस्र्ट एवं सैकंड फ्लोर पर व्यावसायिक गतिविधियां संचालित होने की मौका रिपोट प्राप्त होने पर निगम ने तीन बार नोटिस जारी किए तथा व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर भी दिया गया लेकिन इसके बाद भी निर्माणकर्ता ने व्यावसायिक गतिविधियां बंद नहीं की गई। परिणाम स्वरूप अवैध निर्माण को निगम प्रशासन द्वारा सीज किया गया।
श्यामसुंदर छापरवाल द्वारा आनासागर चौपाटी के सामने आवासीय मकान में लेडीस गारमेंट का शोरूम संचालित किया जा रहा था एवं सेट बैक में जेंट्स गारमेंट की दुकान संचालित थी। छापरवाल को पूर्व में अवैध व्यावसायिक गतिविधियां बंद करने के लिए तीन बार नोटिस जारी किया गया था लेकिन इसके बावजूद व्यावसायिक गतिविधियां बंद नहीं की गई।
आयुक्त हिमांशु गुप्ता ने आवासीय परिसर में संचालित अवैध दुकानों को सील करने के निर्देश प्रदान किए। मौके पर छापरवाल द्वारा नगर निगम उपायुक्त गजेंद्र रलावता से दुकानें सील नहीं करने बाबत बहसबाजी की गई परंतु निगम उपायुक्त रलावता ने नियमों का हवाला देते हुए दुकानों की सील कर दिया। कार्रवाई में राजस्व अधिकारी पवन मीणा, सहायक अभियंता दीपक कौशिक कनिष्ठ अभियंता राजेश मीणा धर्मेंद्र आनंद, प्रियंका चौधरी राजस्व निरीक्षक सत्यनारायण बोहरा, अनिल जैन एवं विधि अधिकारी, सज्जन लाल व नगर निगम की टीम शामिल थी।
Published on:
8 Jun 2018, 7:24 PM IST
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