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सरकार का दावा नोटबंदी और जीएसटी का नहीं कोई असर, स्कूल में पढ़ाएं बैंकिंग व फाइनेंशियल कोर्स

कड़ों के आघार पर नवीन विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा प्रारंभ किया जाना प्रस्तावित है।
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अजमेर

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raktim tiwari

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Updated: 18 Apr 2018, 9:23 AM IST

No effect of GST and note bandi

Noe effect of GST and note bandi

चन्द्रप्रकाश जोशी/अजमेर।

केन्द्र सरकार की ओर से देशभरं नोटबंदी के बाद जीएसटी लगाकर जहां आर्थिक सुधार का दावा किया गया है, बदलाव के संकेत दिए हैं वहीं अब सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों को बैंकिंग एवं फायनेंशियल एंड इंश्योरेंस पाठ्यक्रम को बढ़ावा दिया जा रहा है। व्यावसायिक शिक्षा में इस वर्ष इस पाठ्यक्रम को शामिल किया है।

राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से माध्यमिक शिक्षा के अन्तर्गत कक्षा नवीं, दसवीं में व्यावसायिक शिक्षा के अन्तर्गत वर्ष 2018-19 में नए पाठ्यक्रम जोड़े गए हैं। देश के वर्तमान हालात एवं केन्द्र सरकार की नीति के अनुसार स्कूली शिक्षा में व्यावसायिक शिक्षा के विशेष कोर्स में बैंकिंग एवं फायनेंशियल एंड इंश्योरेंस (बीएफएसआई) विशेष विषय शुरू किया गया है

वही अन्य विषयों को भी शामिल किया गया है। नए पाठ्यक्रम में टेली कम्यूनिकेशन, फिजिकल एज्युकेशन एंड स्पोट्र्स व्यावासायिक पाठ्यक्रम शुरू किए हैं। रमसा स्तर पर शाला दर्पण से प्राप्त आंकड़ों के आघार पर नवीन विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा प्रारंभ किया जाना प्रस्तावित है।

स्कूलों में तैयार होंगे पत्रकार

राजकीय उच्च माद्यमिक विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा योजना के तहत नवीन प्रस्तावित व्यवसाय में मीडिया एंड इन्टरटेनमेंट को भी शामिल किया गया है। इसका मकसद है कि बच्चे पत्रकारिता के क्षेत्र में भी भविष्य संवार सकते हैं। यह बात अलग है कि कितने विद्यार्थी इसमें रुचि लेते हैं।

व्यावसायिक शिक्षा में ये विषय थे शामिल :

ब्यूटी एवं वेलनेस, हेल्थ केयर, आईटी/आईटीज, रिटेल, ट्रेवल एंड टूरिज्म, सिक्यूरिटी, एग्रीकल्चर (माइक्रो एरिगेशन टेक्निकल), एप्पेरेल मेडअप एण्ड होम फर्निशिंग, इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्टोनिक्स, ऑटोमोबाइल विषय शामिल थे।

यूं चरमराई थी व्यवस्था

केंद्र सरकार ने 8 नवम्बर 2016 को अचानक 8 बजे एक बड़ा ऐलान किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रात्रि 12 बजे बाद पुराने 500 और 1 हजार के नोट का चलन बंद करने की घोषणा कर दी। इसके बाद 9 नवम्बर से जनवरी 2017 तक देश में व्यवस्था जबरदस्त चरमरा गई। लोगों की एटीएम और बैंक में दो हजार और सौ के नोट लेने के लिए लाइनों में लगना पड़ा। कई लोगों की इस दौरान तबीयत बिगडऩे से मौत हो गई। सरकार को नोटबंदी के दौरान करीब 40 बार अपने आदेशों में तब्दीली करनी पड़ी थी।

व्यावासायिक शिक्षा के तहत सत्र 2018-19 में नए पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं। विद्यार्थी बैंकिंग, मीडिया एवं इंश्योरेंस आदि की शिक्षा प्राप्त कर भविष्य संवारेंगे।

-रामनिवास गालव, एडीपीसी रमसा अजमेर