
रक्तिम तिवारी/अजमेर।
भले ही स्नातक स्तर पर विद्यार्थी टॉप करें पर एमडीएस यूनिवर्सिटी उन्हें मेडल नहीं देती है । टॉॅपर्स को पदक देने का मामला अटका हुआ है। महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय किसी भी नतीजे पर नहीं पहुंचा है। एकेडेमिक कौंसिल और प्रबंध मंडल तक मामला गया पर मामला जस का तस है।
वर्ष 1987 में स्थापित मदस विश्वविद्यालय कला, वाणिज्य, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, विधि प्रबंध अध्ययन और अन्य संकाय में एम.ए, एम. कॉम और एम.एस.सी फाइनल में अव्वल रहने वाले विद्यार्थियों को स्वर्ण और रजत पदक देता है। दीक्षान्त समारोह में यह पदक चक्रानुसार दिए जाते हैं, ताकि किसी एक संकाय को बार-बार पदक लेने का मौका नहीं मिले।
विश्वविद्यालय में स्नातक (बीए/बी.कॉम/बी.एससी) स्तर पर टॉपर्स को पदक देने का प्रावधान नहीं है। जबकि देश के कई विश्वविद्यालयों में स्नातक स्तर के टॉपर्स को भी पदक दिए जाते हैं।
विद्यार्थी अब तक वंचित
बीते 30 साल में विश्वविद्यालय ने कला, वाणिज्य, विज्ञान संकाय के लाखों अभ्यर्थियों की परीक्षा कराई। इनमें स्नातक स्तर पर टॉप करने वाले विद्यार्थियों को कभी पदक नहीं मिले। विश्वविद्यालय ने शुरूआत से इन्हें पदक देने का कोई प्रावधान नहीं रखा। अब तक हुए सात दीक्षान्त समारोह में स्नातक स्तरीय टॉपर्स को पदक नहीं दिए गए।
नहीं हो पाया कोई फैसला
विश्वविद्यालय ने पिछले वर्ष एकेडेमिक कौंसिल और प्रबंध मंडल की बैठक में स्नातक स्तरीय टॉपर्स का मुद्दा रखा, लेकिन इस पर नीतिगत फैसला नहीं हो सका। इसके बाद विश्वविद्यालय में दोनों बैठक नहीं हुई है। विश्वविद्यालय ने परीक्षा और एकेडेमिक विभाग से एक्ट खंगालने अथवा नियम बनाने के निर्देश भी नहीं दिए हैं।
पीजी टॉपर्स को ही मेडल
यूनिवर्सिटी 1987 से पोस्ट ग्रेज्युएशन के टॉपर्स को ही मेडल देती आ रही है। स्नातक स्तर के टॉपर्स इससे वंचित हैं। जबकि स्नातक स्तर पर बीए, बी.कॉम और बीएससी स्तर की भी नियमित परीक्षाएं हो रही हैं। इनके मेडल को लेकर यूनिवर्सिटी ने कभी चर्चा करना मुनासिब नहीं समझा है।
दानदाताओं ने खींचे हाथ
विश्वविद्यालय में 2009 तक हुए दीक्षान्त समारोह में कई दानदाता भी स्वर्ण और रजत पदक देते रहे थे। सोने-चांदी के भाव बढऩे के बाद यूनिवर्सिटी ने उनसे मेडल मंगवाना महंगा बताते हुए कुछ अतिरिक्त राशि मांगी। इस पर दानदाताओं ने साफ इन्कार कर दिया। साथ ही उन्होंने मेडल देने भी बंद कर दिए।
Published on:
10 Jan 2018, 7:32 AM IST
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