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रात को मचा शोर…भागो-भागो आया पैंथर

  शनिवार रात भिनाय क्षेत्र में पैथर की सक्रियता से फैला दहशत,शोरगुल सुनकर पहाड़ी की ओर भागा पैंथर,रातभर सुरक्षा को लेकर चौकन्ने रहे ग्रामीण,अजमेर जिले के कई स्थानों पर ऐसी हुई है घटनाएं
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अजमेर

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Suresh Bharti

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Updated: 12 Jan 2020, 12:31 AM IST

रात को मचा शोर...भागो-भागो आया पैंथर

रात को मचा शोर...भागो-भागो आया पैंथर

अजमेर. जिले के पहाड़ी इलाके में पैंथर की सक्रियता की खबरें आती रही है। बीते साल कभी मवेशियों का शिकार तो कभी चरवाहे पर हमले की घटनाएं हुई। वन विभाग पगमार्क भी लेता रहा है। पिंजरा भी कई बार लगाया, लेकिन प्रत्यक्ष रूप से कोई पैंथर पकड़ा नहीं गया।

शनिवार रात भिनाय समीप रैण घाटी में कुछ लोगों ने जतीजी के बाग समीप पैंथर देखा। यह खबर आग की तरह फैल गई। कई लोग लाठियां और टार्च लेकर पैंथर की तलाश में जुट गए, लेकिन शोरगुल के चलते शायद पैंथर पहाड़ी पर भाग गया। इसके बाद लोगों में भय व्याप्त हो गया।

पशुपालक मवेशियों की सुरक्षा को लेकर चिंतित दिखे। ग्रामीणों के अनुसार शनिवार शाम पैंथर ने एक पालतु मवेशी का शिकार कर लिया। इस घटना के बाद देर रात तक ग्रामीण चौकन्ने रहे।

जिले में कई जगह पैंथर सक्रिय!

उल्लेखनीय है कि अजमेर जिले के मसूदा, टाडगढ़, बाघसूरी, खरवा, जवाजा, ब्यावर, श्रीनगर, राजगढ़ सहित कई इलाके में पैंथर की सक्रियता की खबरें आती रही है। किसी ने पैंथर की दहाड़ सुनी तो कोई उसके हमले का शिकार हुआ। बाड़े में बंधी बकरियों, भेड़ व बछड़ों के शिकार की भी घटनाएं हुई है। जिले में वैसे हिंसक वन्यजीव नगण्य हैं। अरावली पर्वतमाला से जुड़ी शृंखला के चलते हिंसक वन्यजीव अजमेर जिले के पहाड़ी क्षेत्र में विचरण करते रहे हैं।

आबादी में घुसना चिंताजनक

जंगल में पानी व शिकार की कमी के चलते वन्यजीव आबादी क्षेत्र में घुसने लगे हैं। वन क्षेत्र में पेड़ों की अवैध कटाई भी एक वजह मानी जा सकती है। वाहनों के शोरगुल व आबादी विस्तार का भी इन जीवों पर असर पड़ा है। जानकारों की मानें तो वनक्षेत्र में शिकार की कमी हो गई। इसके चलते पैंथर जैसे हिंसक जीव ग्रामीण क्षेत्र में घुसने लगे हैं। मवेशी बाड़ों में हमले इसका प्रमाण है।