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प्रधान हत्याकांड: ठिकाने लगाना चाहते थे लाश को लेकिन गाड़ी फंस गई

प्रधान गुर्जर हत्यकांड
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अजमेर

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Amit Kakra

•

Updated: 13 Sep 2019, 12:57 PM IST

Pradhan hatya kand

प्रधान हत्याकांड: ठिकाने लगाना चाहते थे लाश को लेकिन गाड़ी फंस गई

मदनगंज-किशनगढ./बांदरसिंदरी
सशस्त्र सीमा बल के जवान प्रधान गुर्जर की हत्या सुनोयोजित ढंग से की गई। हत्यारों की लाश को कहीं सुनसान जगह फैंकने की योजना थी। पहचान छिपाने के लिए उन्होंने मृतक के चेहरे को भी बिगाड़ा। ताकि लाश को कोई पहचान नहीं सके। लेकिन प्रकृति उनके आड़े गई। जिससे गाड़ी कीचड़ में फंस गई। जवान प्रधान गुर्जर की हत्या के बाद हत्यारे उसकी लाश को ठिकाने लगाना चाहते थे। उन्होंने सुनियोजित तरीके से हत्या तो कर दी। लेकिन लाश ठिकाने नहीं लगा सके। हत्यारों ने सीसुब के जवान प्रधान की हत्या करके लाश को बोलेरो में पीछे के हिस्से में छिपा दिया। वह लाश को ठिकाने लगाने जा रहे थे। लेकिन तिलोनियां में तालाब के पास कीचड़ में बोलेरो फंस गई। लाख कोशिशों में बाद भी जब गाड़ी नहीं निकली तो हमलावर गाड़ी को मौके पर ही छोड़कर भाग गए।
तिलोनिया से हरमाड़ा होते हुए हो जाते फरार
अगर बोलेरो कीचड़ में नहीं फंसती तो हत्यारे हरमाड़ा से होते हुए। सुरसुरा से होते हुए नागौर या अन्य रास्ते से जयपुर जिले की ओर जा सकते थे। यहां रास्ते में रात के अंधेरे में सुनसान स्थान पर शव को ठिकाने लगा देते।
मोबाइल खोलेगा राज
सशस्त्र सीमा बल के जवान प्रधान गुर्जर हत्याकांड के राज खोलने में मोबाइल कॉल डीटेल का बड़ा रोल रहेगा। पुलिस मृतक प्रधान और जीतू के मोबाइल नंबरों की जांच कर रही है। जानकारी के अनुसार प्रधान के पास भूणाबाय में बार-बार किसी का फोन आ रहा था। वह उसे जल्दी बुला रहा था। इस बात का जिक्र अकेडमी संचालक ने भी किया।
टोल नाके के कैमरे में दिखी कार
पुलिस ने बुधवार को जीवीके टोल नाके की सीसीटीवी फुटेज खंगाली। इस फुटेज में मंगलवार सुबह अजमेर की ओर जाते हुए दिखी।
इनका कहना है
मामले की जांच की जा रही है। कुछ सुराग मिले है। उस आधार पर पड़ताल की जा रही है। परिणाम सामने आ जाएंगे।
किशन सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण