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अटल पेंशन और सुकन्या समृद्धि योजनाओं में पीछे

atal penडाक विभाग राजस्थान दक्षिणी क्षेत्र का हाल : लक्ष्य का दस फीसदी भी नहीं कर सके हासिल
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अजमेर

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bhupendra singh

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Updated: 26 Aug 2019, 5:34 PM IST

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postal department

अजमेर. डाक विभाग ( postal department )आधार कार्ड (aadhar card) सेंटर स्थापित करने, बाहुबली प्रतियोगिता तथा खातों को पुनर्जीवित करने में भले ही देश में नम्बर व चल रहा है लेकिन बुजुर्गों के लिए अटल पेंशन योजना (atal pension yojna ) तथा बालिकों के लिए शुरु की गई सुकन्या समृद्धि (sukanya samridhi) योजना को लागू करने में विभाग फिसड्डी साबित हुआ है। runs behind government schemes

डाक विभाग राजस्थान दक्षिणी क्षेत्र अजमेर ने अटल पेंशन योजना के तहत चालू वित्तीय वर्ष के लिए 6 हजार 185 खाते खोलने का लक्ष्य तय किया है। जुलाई तक इनमें से 2 हजार 62 खाते खोले जाने थे लेकिन जुलाई माह बीत जाने के बाद भी महज 98 खाते ही खोले जा सके। यह लक्ष्य का 4.75 प्रतिशत ही है। विभाग को अभी 6 हजार 87 खाते अभी और खोलने होंगे। खाते खोलने की मौजूदा गति को देखते लक्ष्य मुश्किल हासिल करना मुश्किल है।

सुकन्या समृद्धि योजना के तहत डाक विभाग राजस्थान दक्षिणी क्षेत्र अजमेर में चालू वित्तीय वर्ष में 4 लाख 52 हजार 900 खाते खोलने का लक्ष्य दिया गया है। इसके तहत जुलाई तक 1 लाख 5 हजार 967 खाते खोले जाने थे लेकिन 13 हजार 582 खाते हुए खुल सके। यह कुछ लक्ष्य का 9 प्रतिशत ही है। विभाग को अभी 4 लाख 39 हजार 318 खाते खोलने होंगे। खाते खोलने की मौजूदा गति को देखते लक्ष्य मुश्किल हासिल दूर की कौड़ी नजर आ रहा है।

अटल पेंशन योजना :

इस योजना के तहत अजमेर में जुलाई तक 183 खाते खोले जाने थे लेकिन 18 खाते ही खुल सके। ब्यावर में 167 में से 5,भीलवाड़ा में 220 में 7,चित्तौडग़ढ़ में 240 में से 18, डूंगरपुर में 295 में से 8, कोटा में 367 में से 19, टोंक में 223 में से 20 तथा उदयपुर में 367 में केवल 3 ही खाते जुलाई तक खुल सके।

सुकन्या समृद्धि योजना :

सुकन्या योजना के तहत जुलाई तक अजमेर में 8233 खाते खुलने थे लेकिन 1954 खाते ही खुल सके। ब्यावर में 9233 में से 1144,भीलवाड़ा में 16500 में से 1319, चित्तौडग़ढ़ में 16267 में से 943, डूंगरपुर में 25433 में से 837, कोटा में 28567 में से 3301, टोंक 16067 में से 1662 तथा उदयपुर में 30667 में से 2422 खाते जुलाई तक खुल सके।

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