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पुष्कर मेला: एक लाख टन बालू से बनी वीर तेजाजी की सैंड आर्ट बनी आकर्षण का केंद्र, इस बार मेले में पहली बार होने जा रहा ऐसा

Pushkar Mela 2025: पुष्कर के नए मेला मैदान में सैंड आर्टिस्ट अजय रावत द्वारा एक माह की मेहनत से एक लाख टन बालू मिट्टी से बनाई गई वीर तेजाजी की प्रतिकृति आकर्षण का केन्द्र बनी हुई है।
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अजमेर

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Santosh Trivedi

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Updated: 23 Oct 2025, 4:52 PM IST

pushkar mela 2025

Photo- Patrika

पुष्कर मेला 2025 की अनौपचारिक शुरुआत 22 अक्टूबर से हो गई। मेले का औपचारिक उद्घाटन 30 अक्टूबर को ध्वजारोहण के साथ होगा। मेला 6 नवंबर तक भरेगा।

मेले में पर्यटकों का आना शुरू हो गया है, लेकिन अभी पशुओं की संख्या कम है। अगले कुछ दिन में मेला अपनी पूरी रौनक में दिखने लगेगा।

पुष्कर मेले में पहली बार इस बार दो की जगह 5 दिन 1 से 5 नवंबर तक अजमेर-पुष्कर मार्ग पर यातायात के लिए वन-वे व्यवस्था लागू रहेगी।

मेला अधिकारी घीया ने बताया कि अब तक कुल 200 से अधिक पशु आ चुके हैं। इनमें 196 ऊंट, 10 अश्व वंश तथा 1 बैल आया है। पुष्कर मेला शुरू होने के साथ ही धोरों में रंगत लौटने लगी है।

कैमल सफारी का लुत्फ उठा रहे विदेशी पर्यटक

रेतीलें धोरों में कैमल सफारी विदेशी पर्यटकों के मन को भाने लगी है। पर्यटक कैमल सफारी का जमकर लुत्फ ले रहे हैं। अन्तरराष्ट्रीय पुष्कर पशु एवं धार्मिक मेले में इस बार बेहतर और सुगम व्यवस्थाओं के लिए तकनीक का सहारा लिया जा रहा है।

पुलिस व प्रशासन के स्तर पर इसकी कवायद की जा रही है। इस मर्तबा गूगल मैप पर लाइव ट्रैफिक अपडेट के साथ पार्किंग की जानकारी व वन-वे रूट्स दिखाए जाएंगे।

मेला क्षेत्र व मुख्य मार्ग पर फ्लैक्स-बैनर के जरिए भी जानकारी मिल सकेगी। इसके अलावा भीड़ नियंत्रण के लिए सुरक्षा इंतजाम भी मजबूत किए गए हैं।

पुष्कर मेले में तकनीक व बेहतर प्रबंधन का तालमेल रहेगा

पुष्कर मेले में तकनीक व बेहतर प्रबंधन का तालमेल रहेगा। वन-वे ट्रैफिक से लेकर गूगल मैप पर लाइव अपडेट और फ्लैक्स-बैनर के इंतजाम मेले को अधिक सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाएंगे।

मेले में पहली मर्तबा कार्तिक एकादशी से पूर्णिमा तक पांच दिन वन-वे ट्रैफिक सिस्टम होगा। यह पूरा सिस्टम गूगल मैप पर नजर आएगा जो लगातार अपडेट होता रहेगा।

इससे मेले में आने वाले पर्यटकों को ट्रैफिक जाम, डायवर्जन और वैकल्पिक मार्गों की समय पर सटीक जानकारी मिल सकेगी। पुलिस प्रशासन की ओर से मेला क्षेत्र के मुख्य मार्गों, चौराहों व तिराहों पर बड़े फ्लैक्स और बैनर लगाए जाएंगे।

फ्लैक्स में ‘आप यहां हैं’ की लाइव लोकेशन बताकर पैदल, दुपहिया व चौपहिया वाहन यात्रियों के लिए अलग-अलग मार्गों की जानकारी दी जाएगी। इससे पुुष्कर आने वाले पर्यटकों को गंतव्य तक पहुंचने में सुगमता होने के साथ ही सटीक जानकारी मिल सकेगी।

पुष्कर सरोवर के घाटों पर सुरक्षा इंतजाम शुरू

पुष्कर मेले के लिए सरोवर के घाटों पर सुरक्षा इंतजाम शुरू कर दिए गए हैं। सरोवर को सभी 52 घाटों पर गहरे जल के संकेतक के रूप में लाल झंडिया लगाई गई हैं। सिविल डिफेंस के 70 सदस्य घाटों पर तैनात किए गए हैं।

पुष्कर का धार्मिक पुष्कर मेला गोपाष्टमी तिथि को झंडारोहण, महा आरती एवं शाम को दीपदान के साथ शुरू होगा। जिला एवं नगर परिषद प्रशासन द्वारा मेलार्थियों की सुरक्षा के इंतजाम करने शुरू कर दिए गए हैं।

नगर परिषद द्वारा सरोवर किनारे बने घाटों पर गहरे जल के संकेत के लिए लाल डांडिया लगाई गई है। विद्युत रोशनी की जा रही है।

पुष्कर सिविल डिफेंस के टीम प्रभारी किशनलाल चौधरी ने बताया कि मेले के दौरान पुष्कर सरोवर के 52 घाटों पर करीब सिविल डिफेंस के 100 सदस्य तैनाती के आदेश जारी कर दिए गए हैं। इनमें 20 महिलाएं होंगी। फिलहाल 70 जवानों की ड्यूटी घाटों पर लगाई गई है।

मेला मैदान में एक लाख टन बालू मिट्टी से बनाई सैंड आर्ट

पुष्कर नए मेला मैदान में गनाहेडा के सैंड आर्टिस्ट अजय रावत द्वारा एक माह की मेहनत से एक लाख टन बालू मिट्टी से बनाई गई गोरक्षक वीर तेजाजी की 51 फीट ऊंची व 60 फीट चौड़ी प्रतिकृति आकर्षण का केन्द्र बनी हुई है। इसे बनाने में जेसीबी मशीन से मिट्टी के ढेर लगाए गए।

निर्माण के दौरान लगभग बीस टैंकर पानी लगा। इसके निर्माण में करीब 25 दिन लगे हैं। अजय इससे पूर्व 21 फीट ऊंची महाराणा प्रताप, 35 फीट ऊंचा हवामहल तथा 40 फीट ऊंचाई के राम मंदिर सहित बालू मिट्टी से अब तक लगभग 500 से अधिक सैंड आर्ट बना चुके हैं।

यह वीडियो भी देखें

देखें पुष्कर मेले की तस्वीरें