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Pushkar Mela: पुष्कर राज के जयकारे, घाटों पर पूजा अर्चना
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Pushkar Mela: पुष्कर राज के जयकारे, घाटों पर पूजा अर्चना

पूजा-अर्चना और दान-पुण्य का दौर भी जारी है। साधु-संत भी अलग-अलग टोलियों में घाटों के किनारे बैठे देखे जा सकते हैं।
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अजमेर

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raktim tiwari

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Updated: 8 Nov 2019, 2:18 PM IST

अजमेर. कार्तिक एकादशी पर पुष्कर सरोवर (pushkar sarovar) में कार्तिक एकादशी का स्नान जारी है। घाटों पर पुष्करराज के जयकारे लग रहे हैं। एकादशी पर सरोवर में डुबकी (holy dip) लगाने वालों की भीड़ उमड़ रही है। पूजा-अर्चना और दान-पुण्य का दौर भी जारी है। साधु-संत भी अलग-अलग टोलियों में घाटों (lake) के किनारे बैठे देखे जा सकते हैं।

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कार्तिक एकादशी से पूर्णिमा तक पंचदिवसीय स्नान की खास महत्ता है। इसके चलते पुष्कर में आस्था का सैलाब (pilgrims) उमड़ रहा है। महिलाएं, पुरुष, साधु-संत पुरोहित पुष्कर सरोवर पहुंच रहे हैं। यहां सरोवर में स्नान (holy bath) का दौर जारी है। लोग पुष्कर राज की जय…., हर-हर महादेव के जयकारे लगाते हुए सरोवर में डुबकी लगाने में जुटे हैं। पुष्कर के सभी 52 घाट पर श्रद्धालुओं का जमावड़ा है। लोग परिक्रमा लगाने के अलावा बाजारों में खरीद-फरोख्त भी कर रहे हैं।

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पांच दिन चलेगा स्नान
कार्तिक में स्नान की विशेष महत्ता (special mean) भी है। कार्तिक एकादशी से पूर्णिमा तक देवी-देवता भी पुष्कर सरोवर में स्नान करने आते हैं। लिहाजा पांच दिन तक स्नान कार्यक्रम चलेगा। उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड़, हरियाणा, महाराष्ट्र, पंजाब, बिहार, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, कर्नाटक, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान सहित कई प्रदेशों से श्रद्धालु (pilgrims) पुष्कर पहुंचे हैं। श्रद्धालुओं की सरोवर में डुबकी लगाने की चाहत है।

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मेला मैदान और बाजारों में भीड़
मेला मैदान (mela maidan) सहित बाजारों में लोगों की भीड़ उमड़ रही है। पुष्कर की गलियों, मुख्य बाजारों में पैर रखने की जगह नहीं है। साधु-संत (saints in pushkar) भी घाटों के किनारे और पेड़ों के नीचे डेरा जमाए बैठे हैं। पुरोहित अपने यजमानों और श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना (worship in pushkar) कराने में जुटे हैं। रेतीले धोरों पर ऊंटों, अश्वों और अन्य पशु पालक खुले आसमान अथवा टैंटों में रुके हैं। यहां पशुओं के सामान, घरेलू सामान, जूस, भोजन सहित अन्य दुकानों लगाई गई हैं।

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