
construction work
अजमेर
निर्माण एवं स्थापत्य कला के क्षेत्र में अजमेर का नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज है। किवंदिति के अनुसार मुगलकाल में यहां ढाई दिन में 'ढाई दिन का झोपड़ा बनाकर कारीगरों ने तैयार कर दिया और अब हालात यह है कि उसी अजमेर में करोड़ों रुपए के काम महीनों व सालों में भी पूरे नहीं हो रहे हैं। हालात तो यह कि करोड़ों रुपए समय पर काम पूरा नहीं करने के चलते लैप्स तक हो गए।
स्मार्टसिटी बनने जा रहे अजमेर हर के जवाहर लाल नेहरू अस्पताल की आपातकालीन इकाई छह माह बाद भी पूरी नहीं हो पाई। विगत दिनों शिक्षा राज्यमंत्री वासुदेव देवनानी ने 15 जुलाई की अंतिम सीमा तय कर दी इसके बावजूद फोरसिलिंग, बैड डिवाइडेशन, गेट सहित अन्य काम अधूरा पड़ा है। हालांकि सार्वजकि निर्माण विभाग के अभियंता आगामी तीन-चार दिन में काम तेजी कर 12 जुलाई तक पूर्ण करने का दावा कर रहे हैं, मगर संबंधित फर्म की ओर से काम में ढिलाई के चलते यह मुश्किल लग रहा है। अगर 15 जुलाई तक पूर्ण भी कर लिया तो मेडिकल कॉलेज व अस्पताल प्रशासन की ओर से उपकरण क्रय, उपकरण शिफ्टिंग 20 जुलाई तक भी संभव नहीं है।
ठेकेदार की मनमानी प्रवेश द्वार 6 माह में भी नहीं हुआ पूराप्रशासनिक भवन के पास पिछले छह माह से भी अधिक समय से निर्माणाधीन प्रवेश द्वार पूरा नहीं हुआ है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन के एईएन की देखरेख में संबंधित ठेकेदार की ओर से बनाए जा रहे प्रवेश द्वार कब पूरा होगा, इसका जवाब किसी के पास नहीं है। ठेकेदार की मनमानी के चलते छह माह से आमजन, मरीज व अस्पताल स्टाफ परेशान है। विगत वर्ष 25 करोड़ हो चुके हैं लैप्ससानिवि के अभियंताओं की ओर से समय पर काम पूरा नहीं हो पाने के जवाब पर मेडिकल कॉलेज को मिले 25 करोड़ रुपए लैप्स हो गए।
सरकार ने सानिवि की रिपोर्ट मांगी कि मार्च 2018 तक कार्य पूर्ण होने पर राशि फिर से जारी की जा सकती है लेकिन नकारात्मक रिपोर्ट के चलते विगत वर्ष के 31 में से 25 करोड़ रुपए लैप्स हो गए, मात्र 6 करोड़ के ही कार्य हाथ में लिए गए। ये काम जिनका बजट लौट गया थामेडिकल कॉलेज में ऑडिटोरियम, मेडिकल कॉलेज में कक्षा-कक्ष, विभिन्न विभागों का विस्तार, सभागार सहित अन्य कार्य हैं जो विगत वर्ष पूर्ण होने थे।
कैज्युल्टी में पार्टिशन (बैड) का काम तीन दिन में शुरू हो जाएगा, फोरसिलिंग का काम डस्टिंग के चलते अटका था, उसका भी आदमी आ गया, परसों से काम शुरू कर देगा। एल्यूमिनियम वर्क, टाइल्स वर्क पूरा हो गया है। इलेक्ट्रिक वर्क भी लगभग हो गया है। हमारी ओर से 12 जुलाई तक काम पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।
गुरुशरण सिंह, सहायक अभियंता सानिवि
प्रवेश द्वार का काम ठेकेदार की लापरवाही से पूरा नहीं हो रहा है। ठेकेदार को पाबंद कर दिया है कि जल्द कार्य पूर्ण कराए नहीं तो उसके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। कल से काम में तेजी के और निर्देश दिए जाएंगे।
उत्तरा शर्मा, सहायक अभियंता, जेएलएन मेडिकल कॉलेज
Published on:
7 Jul 2018, 2:37 PM IST
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