
अजमेर। नशीली दवाओं के कारोबारी से दो करोड़ रुपए की रिश्वत मांगने के मामले में गिरफ्तार एसओजी एएसपी दिव्या मित्तल को मंगलवार को यहां एसीबी मामलों की विशेष अदालत में पेश किया गया। न्यायाधीश ने उसे तीन दिन के रिमांड पर सौंपने के आदेश दिए। उसे 20 जनवरी को फिर से अदालत में पेश किया जाएगा।
एसीबी के एएसपी बजरंगसिंह शेखावत गिरफ्तार महिला अधिकारी को मंगलवार शाम अजमेर एसीबी अदालत में लेकर पहुंचे। यहां उन्हें जज संदीप शर्मा के समक्ष पेश किया गया। रिमांड पर सौंपने का आदेश मिलने के बाद एसीबी अफसर तत्काल दिव्या को लेकर जयपुर रवाना हो गए।
बरामद करना है मोबाइल
एसीबी ने गिरफ्तार महिला अधिकारी से उसका मोबाइल बरामद करने एवं नशीली दवा के कारोबार में पूर्व में गिरफ्तार किए गए आरोपितों की फाइल के सम्बंध में पूछताछ के लिए अदालत से चार दिन का रिमांड मांगा। अभियोजन व बचाव पक्ष की बहस सुनने के बाद अदालत ने तीन दिन के रिमांड पर सौँपने के आदेश दिए।
दलाल की थी आवाजाही
मामले में लिप्त दलाल सुमित कुमार पुत्र रामनिवास की पुष्कर-बीकानेर रोड स्थित एसओजी चौकी में आवाजाही थी। वह दिव्या के चिकलसर, जयपुर स्थित आवास पर भी लगातार आता-जाता था। वह फिलहाल फरार है। उसकी तलाश की जा रही है।
रैकेट चाहता था हटे जांच से
अदालत में सुनवाई के दौरान दिव्या के वकील प्रीतम सिंह सोनी ने एसीबी की ओर से रिमांड मांगे जाने का विरोध करते हुए कहा कि मामले में विकास, विनोद, श्याम सुंदर मूंदड़ा, सुशील करनानी सहित कई नशीली दवाओं के कारोबारियों का बड़ा रैकेट है। इनके खिलाफ रामगंज थाने में दो तथा अलवर गेट थाने में 1 मामला दर्ज है। वह चाहते थे कि दिव्या जांच से हट जाए। इसीलिए एएसपी के खिलाफ षडयंत्र रचा गया है।
Published on:
17 Jan 2023 07:14 pm
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