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रक्तिम तिवारी/अजमेर.
कोरोना लॉकडाउन के चलते परीक्षाएं स्थगित कर चुके राजस्थान लोक सेवा आयोग की दिक्कतें बढ़ेंगी। फिलहाल उसके कलैंडर में भर्ती परीक्षा नहीं है। आगामी आठ महीने में परीक्षाओं के कलैंडर को पटरी पर लाना आयोग के लिए चुनौती है।
राजस्थान लोक सेवा आयोग ने 29 अप्रेल को प्रस्तावित पशु चिकित्सा अधिकारी और पुस्तकालयाध्यक्ष द्वितीय श्रेणी परीक्षा तथा 11 से 14 मई तक प्रस्तावित प्राध्यापक संस्कृत भर्ती परीक्षा स्थगित की है। साल 2020 के कलैंडर में अब आयोग के पास भर्ती परीक्षा नहीं है।
सिर्फ जनवरी में कराई थी एक परीक्षा
आयोग ने इस साल जनवरी में प्राध्यापक भर्ती (माध्यमिक शिक्षा)-2018 कराई थी। इसमें हिंदी, संस्कृत, राजस्थानी, राजनीति विज्ञान, भूगोल, संगीत, बायलॉजी, फिजिक्स, अर्थशास्त्र, लोकप्रशासन और फिजिक्स, केमिस्ट्री, गणित, पंजाबी, ड्राइंग और अन्य विषयों के पेपर हुए थे।
इन भर्तियों में दिक्कतें कायम
आरएएएस एवं अधीनस्थ सेवा भर्ती 2018: मुख्य परीक्षा परिणाम बकाया
जनसंपर्क अधिकारी भर्ती 2019: साक्षात्कार बकाया
पुलिस उपनिरीक्षक-प्लाटून कमांडर भर्ती: साक्षात्कार बकाया।
कालेज शिक्षक भर्ती 2019: आवेदन प्रक्रिया तय नहीं
उप्रेती का कार्यकाल अक्टूबर तक
अध्यक्ष दीपक उप्रेती ने 22 जुलाई 2018 को कार्यभार संभाला था। नियमानुसार आयोग अध्यक्ष और सदस्य 62 साल तक कार्यरत रहते हैं। इस लिहाज से उप्रेती का कार्यकाल अक्टूबर 2020 तक रहेगा। आगामी छह महीने में उन्हें स्थगित परीक्षाओं के आयोजन, नई भर्तियों के विज्ञापन जारी करने, आरएएस एवं अधीस्थ सेवा-2018 का परिणाम और साक्षात्कार कराने जैसे अहम फैसले लेने होंगे।
सरकार के लिए भी चुनौती
सरकार के लिए भी राज्य में भर्तियां कराना चुनौती है। मुख्यमंत्री ने चिकित्सा विभाग में 4 हजार, चिकित्सा शिक्षा विभाग में 573, सहकारिता विभाग में 10 हजार, शिक्षा विभाग में 42 हजार, स्थानीय निकाय विभाग में 1039, गृह विभाग में पांच हजार भर्तियां कराने का ऐलान किया है। इनके विज्ञापन जारी होने, परीक्षाएं कराने और नियुक्तियों में दो-तीन साल लग सकते हैं।
Updated on:
29 Apr 2020 08:36 am
Published on:
29 Apr 2020 08:36 am
