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SANSKRIT : संस्कृत के बिना संस्कृति का संरक्षण असंभव

संस्कृत भारती आवासीय भाषा बोधन वर्ग
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अजमेर

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dinesh sharma

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Updated: 28 Dec 2019, 11:22 PM IST

SANSKRIT : Culture impossible without Sanskrit

SANSKRIT : संस्कृत के बिना संस्कृति का संरक्षण असंभव,SANSKRIT : संस्कृत के बिना संस्कृति का संरक्षण असंभव

अजमेर.

संस्कृत भारती चित्तौड़प्रांत के तत्वावधान में शहीद अविनाश माहेश्वरी आदर्श विद्या निकेतन भगवान गंज में चल रहे संस्कृत भाषा प्रबोधन शिविर में चौथे दिन शनिवार को शिविरार्थियों ने खेल-खेल में संस्कृत सीखने का अभ्यास करते हुए खेलों का आनंद लिया।

इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचारक धर्मराज ने कहा कि संस्कृत भाषा के बिना भारतीय संस्कृति का संवर्धन और संरक्षण असंभव है। संस्कृत विश्व को एकता के सूत्र में बांधने का कार्य करती है। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रांत संगठन मंत्री देवेंद्र पंड्या ने की।

उन्होंने कहा कि संस्कृत भारती संगठन शिविरों के माध्यम से दक्ष कार्यकर्ता निर्माण में लगा है। संस्कृत भारती चित्तौड़ प्रांत के मंत्री राजेंद्र शर्मा, अजमेर महानगर संयोजक हिम्मत सिंह चौहान, शिविर संयोजक भूपेन्द्र सिंह, भीलवाड़ा विभाग संयोजक परमेश्वर प्रसाद कुमावत, प्रांत शिक्षण प्रमुख मधुसूदन शर्मा, पार्षद प्रकाश मेहरा, शाहपुरा जिला संयोजक भगवान लाल गोस्वामी, शुभम कुमार, अनिरुद्ध सिंह, मीठालाल माली, देवीलाल प्रजापत, अंजू जांगिड़, सरिता राठौर, बबली आदि मौजूद थे।

पुष्कर में शोभायात्रा

संस्कृत भारती अजमेर महानगर संयोजक हिम्मत सिंह चौहान ने बताया कि भाषाबोधन वर्ग के शिक्षार्थियों की ओर से पुष्कर में शोभायात्रा निकाली जाएगी। इसका शुभारंभ पुष्कर गुरुद्वारा से शाम 4.30 बजे किया जाएगा। ब्रह्मा मंदिर चौक के पास समापन होगा। शोभायात्रा के दौरान शिविरार्थियों द्वारा संस्कृत गीतों एवं नाटकों का प्रदर्शन भी किया जाएगा।