
funds
निर्धन छात्र-छात्राओं की मदद के लिए बनाए गए विशेष सहायता कोष (कॉरपस फंड) से महर्षि दयांनद सरस्वती विश्वविद्यालय 'ब्याज कमा रहा है। कॉलेज और विश्वविद्यालय के जरूरतमंद विद्यार्थियों तक राशि नहीं पहुंच रही।
दो-तीन वर्षों तक विद्यार्थियों को सहायता राशि देने के बाद विश्वविद्यालय इसे भुला बैठा है। उधर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने सभी संस्थाओं से फंड का हिसाब-किताब मांगा है।
मदस विवि के तत्कालीन कुलपति प्रो. भगीरथ सिंह के कार्यकाल में कमजोर आर्थिक स्थिति वाले विद्यार्थियों की पढ़ाई में मदद के लिए विवि ने वर्ष 2010-11 में 50 लाख रुपए का विशेष सहायता कोष बनाया गया।
इसकी ब्याज राशि से विभिन्न कॉलेज अैार विश्वविद्यालय के शैक्षिक विभागों में पढऩे वाले विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता देना तय हुआ। इसके तहत करीब वर्ष में दो बार 1500 से 2 हजार रुपए देने की शुरुआत हुई। एकाध वर्ष तक कुछ विद्यार्थियों को राशि मिली, लेकिन बाद में सिलसिला बंद हो गया। बीते तीन वर्षों में तो विद्यार्थियों ने कोष का उपयोग भी नहीं किया।
विवि कर रहा कमाई
फंड में जमा 50 लाख रुपए से विवि कमाई कर रहा है। योजनानुसार प्रतिवर्ष 15 अगस्त और 26 जनवरी को इसकी ब्याज राशि से निर्धन और जरूरतमंद विद्यार्थियों को सहायता राशि के चेक दिए जाने हैं। लेकिन प्रशासन इसकी राशि से ब्याज जमा कर रहा है।
लगे ऑडिट पैरा
विश्वविद्यालयों में बने कॉरपस फंड को लेकर यूजीसी के सचिव डॉ. जसपाल सिंह संधु ने विश्वविद्यालयों को पत्र भेजा है। उन्होंने बताया कि वित्त मंत्रालय ने वर्ष 2005 में कॉरपस और आकस्मिक निधि कोष के लिए नियम बनाए हैं। इनका उपयोग कॉलेज और विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के शैक्षिक उपयोग में होना है। कई संस्थाओं के फंड का उपयोग नहीं करने से ऑडिट पैरा लगे हैं। इसको लेकर विश्वविद्यालयों से सूचना मांगी गई है।
फैकल्टी फंड भी अनुपयोगी
विवि प्रतिवर्ष फीस के साथ विद्यार्थियों से प्रोफेशनल फैकल्टी फंड वसूल रहा है। इस फंड का भी नियमित उपयोग नहीं हो रहा। कायदे से यूजीसी और राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के तहत विश्वविद्यालयों को शैक्षिक विभागों के लिए सहायता मिलती है। इनसे आवश्यक उपकरण, रसायन, शैक्षिक सामग्री की खरीद होती है। विवि के प्रोफेशनल फैकल्टी फंड में लाखों रुपए जमा है।
कॉरपस फंड की योजना
-पांच साल पहले 50 लाख से बनाया कॉरपस फंड-कॉलेज और विवि के विद्यार्थियों को देनी है मदद-ब्याज राशि देनी है होनहार और जरूरतमंद विद्यार्थियों को
-केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं से पृथक है फंड
फैक्ट फाइल
विवि से सम्बद्ध कॉलेज-290
विवि में अध्ययनरत विद्यार्थी-1300
सम्बद्ध कॉलेजों में अध्ययनरत विद्यार्थी 4 लाख
कॉरपस फंड की विस्तार से जानकारी ली जाएगी। विद्यार्थियों को नियमित सहायता मिले इसके प्रयास होंगे।
प्रो. कैलाश सोडाणी, कुलपति मदस विश्वविद्यालय
Published on:
4 Nov 2016, 9:00 AM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.