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RBSE 12th ARTS RESULT 2018 : परिणाम में सिरोही रहा अव्वल शिक्षा नगरी 26वें पायदान पर ,जानें आपके जिले का क्या है हाल

सीनियर सैकंडरी कला वर्ग के परीक्षा परिणाम के मामले में अजमेर जिला राज्य में 26 वें स्थान पर रहा।
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अजमेर

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Sonam Ranawat

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Updated: 2 Jun 2018, 10:07 AM IST

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RBSE 12th ARTS RESULT 2018 : परिणाम में सिरोही रहा अव्वल शिक्षा नगरी 26वें पायदान पर ,जानें आपके जिले का क्या है हाल

अजमेर . सीनियर सैकंडरी कला वर्ग के परीक्षा परिणाम के मामले में अजमेर जिला राज्य में 26 वें स्थान पर रहा। जिले का कुल परीक्षा परिणाम 86.97 प्रतिशत रहा। राज्य की तरह अजमेर जिले में भी छात्राओं का परीक्षा परिणाम छात्रों के मुकाबले अधिक रहा। छात्राओं का परिणाम 90.23 प्रतिशत जबकि लड़कों का परिणाम 84.23 प्रतिशत रहा। अजमेर में 15 हजार 68 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए। इनमें से 13 हजार 104 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए। पांच हजार 345 की प्रथम श्रेणी, 6 हजार 743 की द्वितीय श्रेणी, 993 तृतीय श्रेणी और 23 विद्यार्थी महज उत्तीर्ण घोषित हुए।

सिरोही अव्वल, दौसा फिसड्डी
माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान की सीनियर सैकंडरी कला वर्ग में सिरोही जिला परीक्षा परिणाम के लिहाज से पूरे राज्य में प्रथम आया है जबकि दौसा पूरे राज्य में अंतिम पायदान पर है। सिरोही जिले का परीक्षा परिणाम 92.53 प्रतिशत रहा। राजसमंद 92.09 प्रतिशत परिणाम के साथ राज्य में दूसरे और भीलवाड़ा जिला 91.76 प्रतिशत परिणाम के साथ तीसरे स्थान पर रहा। इस परीक्षा में दौसा जिला सबसे कम परिणाम 83.43 प्रतिशत के साथ पूरे राज्य में फिसड्डी रहा।

'बच्चों और शिक्षकों की मेहनत का नतीजा

शिक्षा राज्यमंत्री वासुदेव देवनानी ने बारहवीं कला में निजी स्कूलों के मुकाबले सरकारी विद्यालयों के बेहतर प्रदर्शन सकारात्मक परिणाम बताया है। उन्होंने परिणाम जारी करते हुए कहा कि सरकारी विद्यालयों में पिछले कुछ वर्षो से सुविधाएं बढ़ाई गई है। बेहतर शिक्षकों की नियुक्ति, संसाधन कम होने के बावजूद बच्चों की मेहनत और शिक्षकों के प्रयास की बदौलत आखिर सरकारी विद्यालय के गरीब बच्चों ने साधन संपन्न निजी विद्यालयों से बेहतर परिणाम हासिल किए। उन्होने कहा कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओं की मुहिम रंग लाई है और लड़कियां शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर परिणाम हासिल कर रही है। उन्होने कहा कि चार वर्ष पूर्व तक शिक्षा बोर्ड की परीक्षा का परिणाम 70 से 75 प्रतिशत तक आता था लेकिन अब राज्य में बेहतर शैक्षिक वातावरण की बदौलत यह परिणाम 90 प्रतिशत के आसपास आने शुरू हुए हैं।