8 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

स्मार्टवॉच बन रही नई पीढ़ी की ‘नब्ज’, सेहत पर रहती नजर

बीते दौर में जहां आयुष चिकित्सकों के अलावा एलोपैथी में भी जहां मरीज की कलाई से ही डॉक्टर नब्ज टटोल कर मर्ज का पता लगाते थे, वहीं अब ऐसा नजर नहीं आता। वक्त के साथ तकनीक बदली तो नब्ज नए अंदाज में नजर आने लगी।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

अजमेर

•

image

Santosh Trivedi

•

Updated: 13 Mar 2023, 2:45 PM IST

smart watches

पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क/अजमेर. बीते दौर में जहां आयुष चिकित्सकों के अलावा एलोपैथी में भी जहां मरीज की कलाई से ही डॉक्टर नब्ज टटोल कर मर्ज का पता लगाते थे, वहीं अब ऐसा नजर नहीं आता। वक्त के साथ तकनीक बदली तो नब्ज नए अंदाज में नजर आने लगी। उसे देखने का तरीका भी बदल गया। अब तो आलम यह कि यूथ जनरेशन अपनी नब्ज खुद ही टटोलता रहता है और उसके मुताबिक खुद में बदलाव के भी जतन करती है।

स्मार्टवॉच से नब्ज की निगरानी
नब्ज की जांच स्मार्टवॉच से की जा रही है। बीते दो वर्षों में स्मार्टवॉच की बिक्री छह गुना ज्यादा बढ़ गई है। कोरोना काल के बाद बढ़ी हेल्थ अवेयरनेस के चलते इसकी मांग और बिक्री बढ़ी है।


यह भी पढ़ें : कोरोना काल में लगा बुक इश्यू पर लॉक, अब तक नहीं हुआ अनलॉकy

हर एक्टीविटी ट्रैक
राकेश भागवानी के अनुसार स्मार्टवॉच फोन से ब्लू टूथ और ईसिम मोड में कनेक्ट होती है। खासियत के अनुसार यह शरीर की हर गतिविधि को ट्रैक करती है। यह हार्ट रेट, कैलोरी बर्न, ब्लड ऑक्सीजन, एक्टीविटी ट्रैकिंग जैसी कई गतिविधियों का रिकॉर्ड रखती है।

इतने फायदे
करण मोटवानी ने बताया कि कॉल वॉच पर दिखाई देगा। आपको फोन देखने की जरूरत नहीं है। साइक्लिंग, प्लेइंग से कितनी कैलोरी बर्न हुई उसका पता चल जाता है। इससे टारगेट पूरे करने में मदद मिलती है। यहां तक कि आपकी सुकून भरी नींद के घंटे भी बता देगी।

स्मार्ट वॉच का बाजार
रेन्ज बिक्री %
1 से 3 हजार 70
10 से 50 हजार 25
50 हजार से अधिक 5

कॉल कंट्रोल, बॉडी ट्रैकिंग
स्मार्टवॉच का दूसरा बड़ा फायदा मोबाइल कॉल अटैंड करने में है। रिंगटोन बजने पर अब मोबाइल देखने का चलन कम हो रहा है। लोग जेब में से मोबाइल निकालने की बजाय स्मार्ट वॉच से ही कॉल अटैंड कर रहे हैं। लोगों के लिए स्मार्टवॉच फोन के साथ-साथ बॉडी की ट्रैकिंग का भी काम कर रही है। बटन दबाते ही हार्ट रेट, ब्लड ऑक्सीजन, स्टेप, एक्टीविटी बता देती है। बाजार में 1 हजार से 1 लाख रुपए तक की रेन्ज में स्मार्ट वॉच उपलब्ध हैं। 2021 में मोबाइल के साथ स्मार्टवॉच लेने वालों का अनुपात 2 से 3 प्रतिशत था। अब यह 20 प्रतिशत के पार पहुंच गया है।


यह भी पढ़ें : लगातार 57 घंटे के सर्च अभियान में निकली करोड़ों की काली कमाई

डिजिटली कंट्रोल हो रही फिजिकल लाइफ
आजकल लोग एक्टीविटी को लेकर काफी सतर्क हैं। स्मार्ट वॉच पूरा रिकॉर्ड रखती है। वो भी बिना किसी अतिरिक्त प्रयास के। आपको बस कलाई पर बांधकर रखनी है। स्मार्ट वॉच है तो जॉगिंग-जिमिंग के दौरान फोन ले जाने की भी जरूरत नहीं।
पीयूष अग्रवाल