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पीडि़ता का आरोप : डेयरी में पहले भी कुछ महिलाएं यौन शोषण से परेशान होकर छोड़ चुकी हैं नौकरी

डेयरी अध्यक्ष रामचंद्र चौधरी पर बलात्कार के आरोप का मामला, पीडि़ता के हुए कलमबद्ध बयान
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अजमेर

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Manish Singh

•

Updated: 2 Nov 2019, 4:00 AM IST

पीडि़ता का आरोप : डेयरी में पहले भी कुछ महिलाएं यौन शोषण से परेशान होकर छोड़ चुकी हैं नौकरी

पीडि़ता का आरोप : डेयरी में पहले भी कुछ महिलाएं यौन शोषण से परेशान होकर छोड़ चुकी हैं नौकरी

अजमेर. अजमेर डेयरी अध्यक्ष रामचन्द्र चौधरी पर बलात्कार का आरोप लगाने वाली संविदा महिला कर्मचारी ने अदालत में भी आरोप दोहराए हैं। पीडि़ता के कोर्ट के कलमबद्ध बयान के अनुसार अजमेर डेयरी में पूर्व में कई महिला कर्मचारियों के भी यौन शोषण से परेशान होने और जॉब छोडऩे की बात कही है। उसने बयान में उन महिला कर्मचारियों के नाम भी गिनाए। इधर, पीडि़ता के कोर्ट में बयान के बाद राष्ट्रीय महिला आयोग ने बुलाया है।

पीडि़ता ने गुरुवार को कोर्ट में धारा 164 सीआरपीसी में हुए बयान में बताया कि उसने संविदा पर अजमेर डेयरी में शिफ्ट इंचार्ज के पद पर ज्वाइन किया था,लेकिन नियुक्ति के वक्त तय वेतन के अनुसार उसे भुगतान नहीं किया गया। उसने प्लांट इंचार्ज राजेश अग्रवाल, प्लांट मैनेजर प्रदीप चतुर्वेदी, एमडी गुलाब भाटिया तक को फरियाद लगाई। एमडी भाटिया ने उसे प्लांट मैनेजर के अनुसार ही वेतन देने की बात कहते हुए नौकरी छोडऩे तक के लिए कह दिया। इसके बाद 4 अक्टूबर को डेयरी अध्यक्ष चौधरी के पास प्रार्थना पत्र लेकर पहुंची। कुछ देर चपरासी रमेश ने बाहर बैठाकर रखा। इसके बाद उसे अंदर बुलाया। चौधरी ने रमेश को इशारा कर वहां भेज दिया। जब उसने चौधरी को एप्लीकेशन दी तो वह रो रही थी। चौधरी ने उसको दिलासा देते हुए अपने पास खींचा और गाल पर चुम्बन ले लिया। फिर उसको भी चुम्बन देने के लिए कहते हुए चेम्बर के अन्दर कक्ष में जाने के लिए कहा। उसके नहीं जाने पर चौधरी ने चैम्बर में फर्श पर गिराकर बलात्कार किया। इसी दरम्यिान उसने चौधरी को धक्का देकर खुद को छुड़ाया और बाहर भाग गई।

चौधरी ने भी धमकाया
पीडि़ता ने बताया कि घटना के बाद वह अपने सेक्शन में आ गई। वह रो रही थी तो चेयरमैन चौधरी ने किसी को बताने व रोने पर अच्छा नहीं होगा बोलते हुए धमकाया। इसके बाद वह अपने कमरे पर आ गई। उसके पीछे ठेकेदार गजराज आया। उसने डेयरी अध्यक्ष चौधरी व एमडी भाटिया से बात करने की बात कही, लेकिन उसने इन्कार कर दिया। इसके बाद दूसरे दिन अपने गांव चली गई।

मोबाइल में की रिकॉर्डिंग

पीडि़ता ने बताया कि गांव में दो दिन चुप्पी साधने के बाद उसने अपनी मां को डेयरी के प्लांट मैनेजर, इंचार्ज सहित अन्य की ओर से प्रताडि़त करने की बात कही। फिर डेयरी अध्यक्ष की ओर से किए कृत्य की जानकारी दी तो मां ने सबूत की बात कही। सबूत से इन्कार के बाद उसकी मां के कहने पर डेयरी अध्यक्ष रामचन्द्र चौधरी से बातचीत की। चौधरी से हुई बातचीत को उसने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया, जिसको उसने पुलिस को मुहैया करवा दिया।

पहले मिल गई नौकरी
पीडि़ता ने आरोप लगाया कि डेयरी में पूर्व में भी महिला कर्मचारियों के साथ यौन शोषण की घटनाएं हो चुकी है। एक मेडम की ओर से ऐसे ही आरोप लगाए जाने पर उसे नियमित नियुक्ति दे दी गई। पीडि़ता ने कुछ महिला कर्मचारी के नाम गिनाते हुए यौन शौषण से परेशान होकर नौकरी छोडऩे की बात कही।

प्लांट कर्मियों ने किया दुव्र्यवहार

अजमेर डेयरी में संविदा पर नियुक्ति के बाद उसे तय वेतन नहीं दिया जा रहा था। सितम्बर के वेतन के बाद अक्टूबर के वेतन के लिए उसने प्लांट इंचार्ज राजेश अग्रवाल, प्लांट मैनेजर प्रदीप चतुर्वेदी से बात की। प्लांट इंचार्ज राजेश अग्रवाल ने छह माह तक काम देखने के बाद वास्तविक वेतन देने की बात कही। पीडि़ता ने प्लांट इंचार्ज अग्रवाल, प्लांट मैनेजर चतुर्वेदी व नवीन नामक युवक पर दुव्र्यवहार करने का आरोप लगाया है।