29 अक्टूबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

जनता से हो रही वसूली,सरकारी खजाने में पैसा जमा नहीं करवा रहा टाटा पावर

अजमेर डिस्कॉम की लैब में मीटर, एलटीसीटी तथा सीटीपीटी की टेस्टिंग का मामलाअजमेर डिस्कॉम ने शुरु की जांच, टाटा पावर को लिखा पत्र
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

अजमेर

•

image

bhupendra singh

•

Updated: 13 Jul 2019, 6:02 AM IST

Tata Power not deposit testing fee in discom account

अजमेर डिस्कॉम

अजमेर. मैटेरियल के नाम पर ओवर चार्जिग (over charging) तथा उपभोक्तओं से जीएसटी (gst )वसूली के बाद टाटा पावर का एक और कारनामा सामने आया है। टाटा पावर शहर के विद्युत उपभोक्ताओं के सिंगल व थ्री फेज मीटर, एलटीसीटी तथा सीटीपीटी टेस्ट कराने के लिए राशि वसूल कर रहा है और टेस्टिंग भी अजमेर विद्युत वितरण निगम मदार स्थित लैब में करवाई जा रही है लेकिन टाटा पावर उपभोक्ताओं से वसूली गई टेस्टिंग फीस पिछले करीब एक साल से निगम के खाते में जमा नहीं करवा रहा है। निगम अभियंता व कर्मचारी भी बिना टेस्टिंग फीस लिए आंखे बंद कर टेस्टिंग में लगे हुए हैं। हाल ही यह मामला निगम प्रबन्धन के ध्यान में आने के बाद निगम ने इसकी जांच करवाई तो सामने आया कि 10 अप्रेल 2018 से 11 मार्च 2019 तक ही 632 टेस्टिंग (सिंगल व थ्री फेज मीटर, एलटीसीटी तथा सीटीपीटी) करवाई लेकिन इसकी राशि निगम को जमा करवाने के बजाय खुद के पास रख ली। इनमें से निगम अब तक केवल 172 मीटर/ एलटीसीटी की जांच के 8205 रुपए की ही गणना कर सका है। लाखों रुपए की शेष राशि जमा करवाने के लिए निगम ने टाटा पावर को पत्र लिख कर निर्देश दिए हैं।

यह है टेस्टिंग की दर (testing rate)
निगम अपने उपभोक्ता से सिंगल फेज मीटर के 35 रुपए तथा थ्री फेज मीटर के 70 रुपए वसूल करता है। जबकि एक एलटीसीटी की टेंस्टिंग के लिए 40 रुपए लिए जाते हैं। जबकि सीटीपीटी सेट 200 रुपए में टेस्ट होता है। जबकि प्राइवेट टेस्टिंग की दर अलग है। अब टाटा पावर से निगम की दर ली जाए या प्राइवेट यह नियमों में स्पष्ट नहीं है। निगम के अतिरिक्त मुख्यअभियंता (वाणि’य) एस.एस.मीना ने इस मामले में सरकार से मार्गदर्शन मांगा है।

इनका कहना है

एक्सईएन मीटर को इस मामले में कार्रवाई करने तथा टाटा पावर से पुरानी बकाया वसूलने के निर्देश दिए गए हैं। अब बिना टेस्टिंग फीस जमा करवाए टाटा के मीटरों की जांच नहीं की जाएगी। टाटा पावर एफीडेविट देकर मंथली राशि जमा करवाए अन्यथा यह राशि टाटा के बिल में जोडक़र उसे भेजी जाएगी।
वी.एस.भाटी,एमडी,अजमेर डिस्कॉम

मेरी जानकारी में मामला नहीं है,मैं पता करवाता हूं, क्लॉज देखना पडेग़ा। यदि बकाया निकलेगा तो जमा करवाएंगे।

गजानन काले,सीईओ,टाटा पावर,अजमेर

read more; विधानसभा में गूंजा विद्युत उपभोक्ताओं से जीएसटी वसूली का मुद्दा