वित्तीय वर्ष 2015-16 की 248 करोड़ 28 लाख रूपए। 2016-17 की 341 करोड़ 40 लाख रूपए। वर्ष 2017-18 की 332 करोड़ 69 लाख रूपए, वर्ष 2018-19 की 654 करोड़ 8 लाख रूपए और वर्ष 2019-20 की 1180 करोड़ 37 लाख रुपए और वित्तीय वर्ष 2020-21 की अनुमानित 1014 करोड़ 48 लाख रुपए की सब्सीडी बकाया चल रही है।